‘इतनी भी क्या जल्दी है’ अभियान में विभागीय सहभागिता बढ़ाने के निर्देश
नौ विकासखंडों में चलेगा जागरूकता अभियान, पंडरीकृपाल, मुजेहना और छपिया के 50-50 गांवों में मोबाइल वैन से होगा प्रचार-प्रसार
*प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। जिले में बाल विवाह की रोकथाम, विवाह की उचित आयु, प्रथम गर्भधारण में विलंब, दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर तथा परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ‘इतनी भी क्या जल्दी है’ जागरूकता अभियान में बाल विकास विभाग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास गोण्डा संजय कुमार ने जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं प्रभारियों को पत्र जारी कर अभियान की गतिविधियों में अधीनस्थ कर्मचारियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा है।
जारी पत्र के अनुसार जिले के चयनित नौ विकासखंडों में स्वास्थ्य विभाग एवं पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से ‘उम्मीद परियोजना’ का संचालन किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट वर्किंग ग्रुप की 13 जुलाई 2026 को हुई बैठक में बाल विवाह की रोकथाम, विवाह की उचित आयु, प्रथम गर्भधारण में विलंब, दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर तथा परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘इतनी भी क्या जल्दी है’ अभियान का शुभारंभ किया गया था।
तीन विकासखंडों के 150 गांव होंगे अभियान के केंद्र
अभियान के तहत पंडरीकृपाल, मुजेहना एवं छपिया विकासखंडों के चयनित 50-50 गांवों, यानी कुल 150 गांवों में विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके लिए प्रचार-प्रसार सामग्री से सुसज्जित मोबाइल वैन गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक करेगी। मोबाइल वैन के माध्यम से पोस्टर, हैंडबिल, लघु फिल्मों, जिंगल्स आदि के जरिए जन-जागरूकता का संदेश पहुंचाया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने निर्देश दिया है कि अभियान वाले दिनों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा वैन टीम के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। संबंधित कर्मियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ ही अभियान की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
व्हाट्सएप ग्रुप में साझा होगी प्रचार सामग्री
अभियान से जुड़ी पोस्टर, लघु फिल्में, जिंगल्स एवं अन्य आईईसी सामग्री सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के व्हाट्सएप ग्रुप में नियमित रूप से साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई आईईसी सामग्री के स्क्रीनशॉट संबंधित ब्लॉक स्तर के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि अभियान की विभागीय प्रगति का संकलन किया जा सके।
पत्र में अभियान के दौरान मोबाइल वैन की गतिविधियों के फोटोग्राफ और गतिविधियों से संबंधित साक्ष्य नियमित रूप से विभागीय एवं जिला स्तरीय आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इससे अभियान की गतिविधियों की निगरानी और उनके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
ब्लॉकवार प्रगति रिपोर्ट भी देनी होगी
अभियान के तहत कराई गई सभी गतिविधियों की ब्लॉकवार प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय एवं प्रभावी विभागीय सहभागिता सुनिश्चित करें।
विभाग का मानना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव तक सीधे पहुंच रखने के कारण इस अभियान को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनके माध्यम से किशोरियों, महिलाओं और परिवारों तक बाल विवाह रोकथाम, सुरक्षित मातृत्व, उचित विवाह आयु और परिवार नियोजन से संबंधित संदेश आसानी से पहुंचाया जा सकता है।