पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हजारों शिक्षक-कर्मचारी
जिला पंचायत सभागार के सामने जुटे शिक्षकों ने किया जोरदार प्रदर्शन
गोंडा में निकला OPS तिरंगा मार्च, ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’ के नारों से गूंजा गोंडा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda news
गोंडा, 21 अगस्त। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को गोंडा में शिक्षक-कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले हजारों शिक्षक-कर्मचारी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित तीन सेट के पास एकत्र हुए और हाथों में तिरंगा लेकर OPS तिरंगा मार्च निकाला। मार्च के दौरान ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’ और ‘OPS बहाल करो’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
मार्च का नेतृत्व अटेवा गोंडा के जिलाध्यक्ष अमर यादव ने किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर शिक्षक-कर्मचारी अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक-कर्मचारी पिछले करीब दस वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक-कर्मचारी और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े लोग पूरी निष्ठा के साथ देश और प्रदेश की सेवा करते हैं। ऐसे में उनके सेवानिवृत्त जीवन की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को पेंशन की सुविधा मिलती है तो शिक्षक-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित क्यों रखा गया है।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा कि एक ही देश में अलग-अलग वर्गों के लिए पेंशन की अलग-अलग व्यवस्था उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक-कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को बाजार आधारित निवेश से जोड़ना उनके भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित और सम्मानजनक पेंशन मिलनी चाहिए।
टीएसटीसी के जिला संयोजक रंजीत सिंह और माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि अटेवा सड़क से लेकर सदन तक पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लगातार मजबूती से उठा रहा है। उन्होंने कहा कि एनपीएस में बदलाव के नाम पर भले ही विभिन्न योजनाओं का भरोसा दिया जा रहा हो, लेकिन इससे पुरानी पेंशन की निश्चितता और सुरक्षा की भरपाई नहीं हो सकती। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन को लेकर कर्मचारियों के बीच अभी भी असुरक्षा बनी हुई है।
अटेवा के संगठन प्रभारी गौरव पांडे और पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री सुधाकर मिश्रा ने कहा कि गोंडा की सड़कों पर उमड़ा शिक्षक-कर्मचारियों का जनसैलाब उनकी एकजुटता और आंदोलन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लखनऊ और दिल्ली में भी बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। पुरानी पेंशन बहाली होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
तिरंगा मार्च में शिक्षक आशुतोष द्विवेदी, मुसीर सिद्दीकी, विनोद यादव, शौनक शुक्ला, हनुमंत लाल शुक्ला, शिव कुमार, अखिलेश कुमार, अजीत कुमार, बिरजेश वर्मा, राजन जी, रामकरन यादव, बलजीत वर्मा, गौरव सिंह, हरि प्रसाद वर्मा, आजाद बेग, रंजीत गौतम, कबिंद मिश्रा, प्रिंस सिंह, दिनेश बाबू, ओम प्रकाश पासवान, अमित यादव, सतीश कदम और सैद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।
मार्च के दौरान तिरंगा हाथों में लिए शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। अटेवा पदाधिकारियों ने कहा कि OPS की मांग केवल पेंशन व्यवस्था की बहाली का मुद्दा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य, आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक बुढ़ापे की लड़ाई है।
