सम्भव अभियान का आधा समय बीता, अब जाकर विभाग को आई प्रशिक्षण कराने की याद
जून में जारी हो चुकी थी गाइडलाइन, 21 अगस्त को मुख्य सेविकाओं के लिए अभिमुखीकरण बैठक
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। कुपोषण से लड़ने और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सम्भव (SAMbhav) अभियान 6.0 की गति पर विभागीय लापरवाही सवाल खड़े कर रही है। अभियान का करीब आधा समय बीत जाने के बाद अब विभाग को मुख्य सेविकाओं के अभिमुखीकरण यानी प्रशिक्षण की याद आई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार 21 अगस्त को विकास भवन सभागार में सम्भव अभियान की प्रगति की समीक्षा एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी मुख्य सेविकाओं को प्रतिभाग करना है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव के शासनादेश संख्या-1/1366455/2026/58-1-2026 (1392664) दिनांक 16 जून 2026 में सम्भव अभियान 6.0 के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी गोंडा के कार्यालय पत्र संख्या सी0-564 दिनांक 20 जून 2026 तथा कार्यालय पत्र संख्या सी0-618 दिनांक 3 जुलाई 2026 का भी संदर्भ पत्र में दिया गया है। यानी अभियान को लेकर दिशा-निर्देश जून में ही जारी हो चुके थे, लेकिन मुख्य सेविकाओं का औपचारिक अभिमुखीकरण अब 21 अगस्त को कराया जा रहा है।
एक जुलाई से शुरू हुआ अभियान, 30 सितंबर तक चलेगा
शासन के निर्देशों के अनुसार वर्ष 2026 में सम्भव अभियान 6.0 का आयोजन 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के मध्य किया जाना है। अभियान की थीम ‘गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा’ निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं से लेकर बच्चों तक पोषण संबंधी सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाना और अभियान के माध्यम से सकारात्मक परिणाम हासिल करना है।
लेकिन अभियान की निर्धारित अवधि में लगभग दो महीने बीतने के बाद मुख्य सेविकाओं के लिए अभिमुखीकरण बैठक आयोजित किए जाने से विभागीय तैयारियों और जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जब अभियान के शुरुआती चरण में ही संबंधित कार्मिकों को योजनाओं, लक्ष्य और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जानी चाहिए थी, तब प्रशिक्षण के लिए अगस्त के अंतिम चरण तक इंतजार किया गया।
प्रशिक्षण में देरी से योजनाओं के लक्ष्य पर असर का अंदेशा
सम्भव अभियान में पोषण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी विभागीय अमले की है। ऐसे में समय से प्रशिक्षण और अभिमुखीकरण नहीं होने पर योजनाओं के क्रियान्वयन में एकरूपता और लक्ष्य प्राप्ति प्रभावित होने की आशंका है। अभियान का बड़ा हिस्सा बिना औपचारिक अभिमुखीकरण के ही आगे बढ़ चुका है। अब विभाग 21 अगस्त को प्रगति की समीक्षा के साथ मुख्य सेविकाओं को अभियान के संबंध में अभिमुखीकरण देगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 21 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे विकास भवन सभागार, गोंडा में सम्भव अभियान 2026 की प्रगति की समीक्षा एवं अभिमुखीकरण आयोजित किया जाएगा। इसमें जनपद की सभी मुख्य सेविकाओं को प्रतिभाग करने के निर्देश दिए गए हैं।
सवाल यह है कि जब अभियान की अवधि का आधे से अधिक समय बीतने को है, तो अब दिया जाने वाला प्रशिक्षण जमीनी स्तर पर अभियान के शेष समय में कितनी प्रभावी भूमिका निभा पाएगा। विभागीय योजनाओं का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग को अभियान की शुरुआत से ही प्राथमिकता देना जरूरी माना जाता है।