मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा समेत मांगों को लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर-लेखाकार वेलफेयर एसोसिएशन का अधिवेशन
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोरखपुर। कंप्यूटर ऑपरेटर एवं लेखाकार वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को गोरखपुर में अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में प्रदेशभर से पहुंचे कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं लेखाकारों ने वर्षों से सेवा दे रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखपुर के एमएलसी एवं भाजपा नेता देवेंद्र प्रताप सिंह ने की।
अधिवेशन में कर्मचारियों ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग समेत विभिन्न विभागों में सेवा प्रदाता के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटर और लेखाकार लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ज्ञापन के अनुसार कई कर्मचारी करीब 16 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सेवा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी सेवा अवधि और अनुभव को देखते हुए सेवा सुरक्षा एवं सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित करने की मांग की।
एसोसिएशन की ओर से एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में वर्ष 2011 से सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर एवं लेखाकार कर्मचारियों को विभाग/परियोजना में विनियमित किए जाने, 10 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायी/सेवा सुरक्षा प्रदान किए जाने तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में शासनादेश के अनुसार श्रेणी-01, श्रेणी-02, श्रेणी-03 और श्रेणी-04 लागू करते हुए कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर मानदेय का भुगतान किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इसके साथ ही महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश, मातृत्व अवकाश एवं चिकित्सकीय अवकाश सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं मानदेय के साथ प्रदान करने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने महंगाई और लगातार बढ़ती जीवन-यापन की लागत को देखते हुए समय-समय पर मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2011 में निर्धारित मानदेय के मुकाबले वर्तमान समय में महंगाई और परिवहन समेत अन्य खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं। संगठन ने कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं लेखाकारों के मानदेय में पर्याप्त वृद्धि कर लगभग 25 हजार से 30 हजार रुपये तक मानदेय किए जाने की मांग रखी। साथ ही कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रितों को 25 लाख रुपये की मृत्यु बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
एमएलसी ने दिया मांगों को शासन तक पहुंचाने का भरोसा
अधिवेशन में कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं और मांगें एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष विस्तार से रखीं। एमएलसी ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हितों और अधिकारों को लेकर शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से बात रखी जाएगी तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष कर्मचारियों की पीड़ा और जायज मांगों को पहुंचाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने एसोसिएशन को भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए वह अपने स्तर से पूरा सहयोग करेंगे।
गोंडा की रही विशेष भागीदारी
अधिवेशन में गोंडा जिले की ओर से भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। गोंडा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, मंडल अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह और कोषाध्यक्ष अवधेश कुमार शुक्ला ने संगठन की ओर से कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से उठाया। पदाधिकारियों ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर एवं लेखाकार वर्षों से विभागीय कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ संभाल रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक मानदेय और अन्य मूलभूत कर्मचारी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
अधिवेशन में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन और संवाद की रणनीति आगे भी जारी रखी जाएगी।

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