107 शिक्षकों ने लिया वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का संकल्प
32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जनपद स्तरीय कार्यशाला संपन्न, 15 अगस्त तक होगा बाल वैज्ञानिकों का पंजीकरण
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध आधारित कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को एफ.ए.ए. राजकीय इन्टर कॉलेज, गोंडा में किया गया। कार्यशाला में जिले भर से आए 107 मार्गदर्शक शिक्षकों ने प्रतिभाग कर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा, परियोजना चयन और पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के एकेडमिक समन्वयक डॉ. दिलीप कुमार शुक्ला, फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुधीर कुमार पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत जिला समन्वयक एवं आयोजन समिति ने किया।
जिला समन्वयक अभय प्रताप सिंह तथा विशेषज्ञों ऋषि कुमार शुक्ला, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और राजवर्धन श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की कार्यप्रणाली, पंजीकरण प्रक्रिया, परियोजना चयन और वैज्ञानिक गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद के बाल वैज्ञानिकों का पंजीकरण 15 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा। कार्यशाला में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी विशेषज्ञों ने किया।
इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय “सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार” रखा गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पर आधारित परियोजनाएं तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य वक्ता डॉ. सुधीर कुमार पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों का संवर्धन मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और समाजोपयोगी नवाचारों के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यशाला के सफल आयोजन में सुरेंद्र, उदिति, महेश, विजय, अभिराम और कृष्ण कुमार वर्मा सहित सभी सहयोगियों के योगदान की सराहना की।
