ईश्वर शरण चिकित्सालय में जलभराव से मिलेगी राहत, मरीजों की सुविधा के लिए बन रहा नया रास्ता
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की पहल पर शुरू हुआ सुधार कार्य, जलभराव वाले गड्ढों को मिट्टी से भरकर परिसर को बनाया जाएगा सुगम
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय में लंबे समय से मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए परेशानी का कारण बनी जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के प्रयासों से अस्पताल परिसर में जलभराव वाले क्षेत्र की पटाई कर नया आवागमन मार्ग तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही गहरे हो चुके जलभराव वाले स्थानों को मिट्टी से भरकर समतल करने की योजना पर भी कार्य शुरू कर दिया गया है।
अस्पताल परिसर में क्षेत्रीय निदान केंद्र जैसी महत्वपूर्ण इमारत के सामने बारिश के दौरान पानी जमा हो जाने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बारिश के समय जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती थी। हल्की बारिश के बाद भी परिसर के कुछ हिस्सों में पानी भरने से जांच कराने आने वाले मरीजों को असुविधा होती थी। अब इस स्थान की पटाई कर नया रास्ता बनाए जाने से क्षेत्रीय निदान केंद्र तक पहुंचना अधिक आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
जलभराव के कारण पहले मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर जांच केंद्र तक ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था। पानी भरे रास्ते से स्ट्रेचर निकालते समय मरीजों और अस्पताल कर्मियों दोनों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती थी। नए मार्ग के निर्माण और जमीन के समतलीकरण से गंभीर मरीजों को जांच के लिए ले जाने में सुविधा मिलेगी तथा आपात स्थिति में अस्पताल कर्मियों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी।
अस्पताल परिसर के पीछे स्थित बहुमंजिला इमारत तक पहुंचने वाले लोगों को भी बारिश के बाद जलभराव से होकर गुजरना पड़ता था। कई बार लोगों को घुटनों तक भरे गंदले पानी के बीच से निकलना पड़ता था, जिससे बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और पहले से अस्वस्थ मरीजों को विशेष कठिनाई होती थी। अब गहरे और निचले हिस्सों को मिट्टी से भरकर समतल किए जाने से इस समस्या से भी राहत मिलने की संभावना है।
मरीजों की सुविधा के अनुरूप बदलेगा अस्पताल परिसर
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. बीना सिंह ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को आमूलचूल ढंग से सुधारने और मरीजों की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। अस्पताल परिसर को अधिक सुगम, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर और सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। ओपीडी, जांच, पर्चा बनवाने तथा दवा वितरण काउंटर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा चुका है, जिससे मरीजों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है। अस्पताल में आने वाले लोगों की भीड़ और आवागमन को ध्यान में रखते हुए सेवाओं को अधिक सुचारु बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्राचार्य ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए केवल चिकित्सा सुविधाओं को ही नहीं, बल्कि परिसर की साफ-सफाई, आवागमन, मार्गों की स्थिति और मरीजों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
जलभराव से राहत के साथ बढ़ेगी जांच सुविधाओं तक पहुंच
क्षेत्रीय निदान केंद्र तक पहुंचने वाले मरीजों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में भवन के सामने नया रास्ता तैयार होने से जांच के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी। नए मार्ग से व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की आवाजाही भी अधिक सुविधाजनक हो सकेगी। इससे मरीजों को बारिश के दौरान जलभराव के बीच से गुजरने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल परिसर में चल रहे सुधार कार्य यह संदेश भी देते हैं कि मरीजों की समस्याओं को चिन्हित कर उनका स्थायी समाधान करने की दिशा में प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन गंभीरता से कार्य कर रहा है। जलभराव जैसी समस्या का समाधान केवल आवागमन को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता और अस्पताल सेवाओं तक समय पर पहुंच भी बेहतर होगी।
सुविधाओं में सुधार से बदलेगी अस्पताल की तस्वीर
राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ईश्वर शरण चिकित्सालय जिले के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार, जांच और दवा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर की व्यवस्थाओं में हो रहा सुधार सीधे तौर पर आमजन को लाभ पहुंचाएगा।
जलभराव वाले स्थानों की पटाई, नए रास्ते का निर्माण और अस्पताल की आंतरिक सेवाओं को व्यवस्थित किए जाने से आने वाले समय में मरीजों एवं तीमारदारों को अधिक सुगम वातावरण मिलने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि मरीजों को उपचार के साथ-साथ परिसर में पहुंचने, पर्चा बनवाने, चिकित्सक को दिखाने, जांच कराने और दवा प्राप्त करने में भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
अस्पताल परिसर में शुरू हुए इन सुधार कार्यों से आमजन में सकारात्मक संदेश जा रहा है। मरीजों और तीमारदारों की सुविधा को केंद्र में रखकर किए जा रहे बदलावों से न केवल जलभराव की समस्या का समाधान होगा, बल्कि अस्पताल की कार्यप्रणाली और सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।