संध्या संवाद से बढ़ा जनविश्वास, शिकायतकर्ताओं तक पहुंच रहीं मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल
महिलाओं और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष फोकस, संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली की हो रही चर्चा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा, 04 अगस्त। जनसमस्याओं के समाधान को केवल कार्यालयों और बैठकों तक सीमित न रखते हुए मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीधे आमजन से संवाद और शिकायतों के वास्तविक निस्तारण को प्रशासनिक कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। उनकी पहल पर संचालित ‘संध्या संवाद’ और महिलाओं एवं बेटियों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ जैसी पहल ने देवीपाटन मंडल में जनसुनवाई को नई दिशा दी है।
मंडलायुक्त की तैनाती के बाद से प्रशासनिक व्यवस्था में शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आमजन की शिकायतों को केवल दर्ज कर उनका औपचारिक निस्तारण करने के बजाय संबंधित समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि मंडलायुक्त की सक्रियता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की चर्चा लोगों के बीच लगातार हो रही है।
संध्या संवाद कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। शिकायतों की नियमित समीक्षा से अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और लंबित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुन रही हैं। ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ के माध्यम से महिलाओं को अपनी समस्याएं और शिकायतें निर्भय होकर प्रशासन के सामने रखने का मंच मिला है। महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सुरक्षा, राजस्व, सामाजिक योजनाओं और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
मंडलायुक्त की कार्यशैली की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि वह शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वयं शिकायतकर्ताओं से संवाद करती हैं। शिकायतकर्ता से सीधे फीडबैक लेकर यह पता किया जाता है कि उसकी समस्या का समाधान वास्तव में हुआ है या केवल कागजों पर निस्तारण दर्ज कर दिया गया है। इससे प्रशासनिक कार्रवाई की गुणवत्ता की निगरानी हो रही है और शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बढ़ी है।
मंडल के चारों जिलों—गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती—में जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
मंडलायुक्त का मानना है कि प्रशासन की सफलता केवल योजनाओं के क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान और शासन के प्रति उनके विश्वास से तय होती है। इसलिए शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंडलायुक्त की सक्रिय मॉनिटरिंग, शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण का असर अब जनसुनवाई व्यवस्था में दिखाई देने लगा है। खासकर महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और कार्रवाई ने प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत किया है। संध्या संवाद और मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद जैसी पहल ने यह संदेश दिया है कि प्रशासन आमजन की समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान के लिए भी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि शिकायतों का निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भविष्य में भी जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आमजन को शासन की योजनाओं और सेवाओं का प्रभावी लाभ मिल सके तथा प्रशासन के प्रति जनविश्वास और मजबूत हो।