आईटी प्रोफेशनल ने शुरू किया अत्याधुनिक मशरूम प्लांट, नौकरी के साथ अब उद्यमिता में भी गढ़ेंगे नई पहचान
बालपुर – परसपुर मार्ग पर स्थित पुश्तैनी गांव में स्थापित हुआ ‘निर्मल श्याम मशरूम’ प्लांट, एक चक्र में 8 टन उत्पादन क्षमता;
भविष्य में मशरूम पाउडर, अचार और निर्यात की भी तैयारी
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में वर्षों तक अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाने के बाद अब जिले के एक युवा प्रोफेशनल ने कृषि आधारित उद्यमिता की दिशा में ऐसा कदम बढ़ाया है, जो अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। आईटी इंडस्ट्री में प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत वेद प्रकाश सिंह ने अपने पुश्तैनी गांव परसपुर में अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ‘निर्मल श्याम मशरूम’ प्लांट की स्थापना कर स्वरोजगार और कृषि-आधारित उद्योग के क्षेत्र में नई शुरुआत की है।
बालपुर से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित परसपुर में स्थापित इस मशरूम प्लांट का उद्घाटन बुधवार को जिला उद्यान अधिकारी रश्मि शर्मा ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने प्लांट का निरीक्षण किया तथा आधुनिक तकनीक से तैयार की गई उत्पादन व्यवस्था की सराहना की।
अपने संबोधन में जिला उद्यान अधिकारी रश्मि शर्मा ने कहा कि आज के समय में मशरूम उत्पादन कृषि आधारित उद्यमिता का तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। सीमित स्थान में अधिक उत्पादन, कम समय में बेहतर आय और बाजार में लगातार बढ़ती मांग के कारण यह स्वरोजगार का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि युवा आधुनिक तकनीक अपनाकर इस क्षेत्र में निवेश करें तो वे न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
एक चक्र में आठ टन मशरूम उत्पादन की क्षमता
‘निर्मल श्याम मशरूम’ प्लांट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। नियंत्रित तापमान, आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) और वैज्ञानिक उत्पादन प्रणाली के माध्यम से यहां उच्च गुणवत्ता वाले मशरूम का उत्पादन किया जाएगा। वर्तमान में इस प्लांट की क्षमता एक उत्पादन चक्र में लगभग आठ टन मशरूम तैयार करने की है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के कारण यहां गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ लागत को भी नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया है।
आईटी के अनुभव का मिलेगा कृषि उद्योग को लाभ
वेद प्रकाश सिंह का मानना है कि तकनीक और कृषि का बेहतर समन्वय भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आईटी क्षेत्र में वर्षों तक प्रोडक्ट मैनेजमेंट का अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने उसी अनुभव को कृषि-आधारित उद्योग में लागू करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि वैज्ञानिक पद्धति, डेटा आधारित प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और आधुनिक तकनीक के उपयोग से मशरूम उत्पादन को अधिक लाभकारी और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य केवल मशरूम उगाना नहीं, बल्कि एक ऐसा ब्रांड विकसित करना है जो गुणवत्ता और भरोसे का पर्याय बने। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने पुश्तैनी गांव में यह अत्याधुनिक प्लांट स्थापित किया है।
स्थानीय बाजार से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक की तैयारी
वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी योजनाएं केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं। आने वाले समय में ‘निर्मल श्याम मशरूम’ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए उत्पादन गुणवत्ता, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां चरणबद्ध तरीके से की जाएंगी।
वैल्यू एडिशन पर विशेष फोकस
उन्होंने बताया कि भविष्य में केवल ताजा मशरूम ही नहीं, बल्कि वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत मशरूम पाउडर, मशरूम का अचार सहित अन्य प्रोसेस्ड उत्पाद ‘निर्मल श्याम मशरूम’ ब्रांड के नाम से बाजार में उतारने की योजना है। इससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे तथा उद्यम की आय में भी वृद्धि होगी।
ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है। उत्पादन, पैकेजिंग, प्रसंस्करण, विपणन और परिवहन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के कृषि-आधारित उद्योग गांवों में विकसित होते हैं तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं का रुझान स्वरोजगार की ओर बढ़ेगा।
उद्घाटन समारोह में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईटी जैसे आधुनिक क्षेत्र में सफल करियर के साथ कृषि उद्यमिता की दिशा में उठाया गया यह कदम निश्चित रूप से जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित होगा। तकनीक, नवाचार और कृषि को जोड़ने वाली यह पहल भविष्य में गोण्डा को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उद्घाटन के अवसर पर राजीव मिश्र समेत क्षेत्रीय लोगों की मौजूदगी रही।
