संवेदनहीनता व कुप्रबंधन से गोवंश हो रहे प्रभावित
शिवपूजन पांडे, वजीरगंज।

गोंडा । विकासखंड के ग्राम पंचायतों में स्थित गौशालाएं गंभीर दुर्व्यवस्थाओं और लापरवाही का शिकार हो रही हैं। कागजों पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद, जमीनी स्तर पर गोवंश को भरपेट चारा, स्वच्छ पानी, और उचित चिकित्सा न मिलना देखा जा रहा है। ग्राम पंचायत मझारा स्थित गोशाला में हरा चारा, भूसा और स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं होता है, जिससे गायें कुपोषण का शिकार हो रही हैं। जिम्मेदार पशुओं को खड़ा मक्का का सूखा डंठल खिला रहे हैं। बीमार और घायल गोवंश आए दिन दम तोड़ रहे हैं। जिन्हे मिट्टी न देकर कई दिनों तक जाली में रखा जा रहा है। परिसर में साफ-सफाई न होने के कारण चारों तरफ दुर्गंध फैली रहती है, जो अन्य स्वस्थ मवेशियों के लिए भी बीमारी का कारण बनती है। मृत गायों को समय से दफनाने के बजाय खुले में छोड़ दिया जाता है, जो प्रशासनिक अनदेखी को उजागर करता है। शासन द्वारा प्रति गोवंश के लिए निर्धारित धनराशि प्रतिमाह खर्च होने के दावे के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद दयनीय है। गायों के प्रति इस संवेदनहीनता और कुप्रबंधन से आम जनजीवन भी प्रभावित होता है, क्योंकि अव्यवस्था के कारण कई गोवंश सड़कों पर आ जाते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। गांव के सत्य देव मौर्य, हनुमान सिंह, पंकज तिवारी व मून मिश्रा ने उच्चाधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। एडीओ पंचायत सतीश तिवारी ने बताया कि सचिव से रिपोर्ट मांग कर संबंधित समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है।