बच्चों ने स्कूल परिसर में चिन्हित किए खतरे वाले स्थल, लाल झंडी लगाकर किया सतर्क
‘रंग लाल-खतरे का निशान’ गतिविधि में विद्यार्थियों ने सीखी सुरक्षा की बारीकियां
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। कम्पोजिट विद्यालय सोनबरसा बक्सरा आज्ञाराम में शनिवार को मीना मंच-‘प्रगति के पंख’ कार्यक्रम के तहत ‘रंग लाल-खतरे का निशान’ गतिविधि आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर ऐसे स्थानों को चिन्हित किया, जहां दुर्घटना या नुकसान की आशंका हो सकती है। बच्चों ने चिन्हित स्थानों पर लाल झंडी लगाकर सभी को संभावित खतरों के प्रति सतर्क किया।
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने रसोईघर, कूड़ा स्थल, नालियां, मैदान में उगी काई, रास्ते में बने गड्ढे, निर्माणाधीन भवन, रेलिंग, टूटा फर्नीचर, विज्ञान प्रयोगशाला और बिजली के बोर्ड आदि को संभावित डेंजरस एरिया के रूप में सूचीबद्ध किया। बच्चों ने अपने तर्कों के माध्यम से बताया कि इन स्थानों पर किस तरह दुर्घटना हो सकती है और सावधानी बरतना क्यों जरूरी है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता, खतरे को पहचानने और समय रहते उससे बचाव के उपाय खोजने की क्षमता विकसित करना रहा। गतिविधि में चांदनी यादव, माधुरी, करिश्मा, पूनम, कुसुम, खुशबू, अजीत, अंकित, राज बाबू, प्रमोद, विशाल, विनोद, शुभम, पारुल, अंजू और अमरजीत सहित अन्य बच्चों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क दिया गया। इसमें उन्हें विद्यालय के बाहर ऐसे स्थानों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करनी है, जो बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। साथ ही प्रत्येक खतरे से बचाव के संभावित उपाय भी लिखकर लाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मीना सुगमकर्ता शिक्षिका पूनम वर्मा, वरिष्ठ शिक्षक आलोक कुमार भारती, प्रधानाध्यापक बलजीत सिंह कनौजिया, अरुण कुमार सिंह, सुरेश कुमार, अनुराधा मिश्रा, देवेंद्र प्रताप, पूनम यादव, अमर ज्योति और चित्रावती मौर्य सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
