ज्ञानस्थली के एनएसएस शिविर में एसपी विनीत जायसवाल ने छात्राओं को दिए सफलता के मंत्र, नारी सशक्तिकरण पर निकली चेतना रैली
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा।
सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पी.जी. कॉलेज, गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के षष्ठम दिवस पर शनिवार को महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमाधिकारी डॉ. मौसमी सिंह और डॉ. नीतू सिंह के नेतृत्व में स्वयंसेविकाओं ने महर्षि अरविन्द बाल शिक्षा मंदिर परिसर से उपरहितन पुरवा और रानीपुरवा तक नारी शक्ति के सम्मान में चेतना रैली निकाली।
रैली के दौरान छात्राओं ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “नारी शक्ति देश की शक्ति” और “शिक्षित नारी, सशक्त समाज” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। स्थानीय ग्रामीणों ने भी छात्राओं की इस पहल की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। रैली में निशा यादव, राधा मिश्रा, पूर्णिमा, श्रेया, अफरीन, ज्योति, सुमन, कशिश, खुशी और मरियम सहित अनेक स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
भोजनावकाश के बाद आयोजित बौद्धिक सत्र कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और उस लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विशेष रूप से छात्राएं यदि शिक्षा और आत्मनिर्भरता को अपना लक्ष्य बना लें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है।
पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में अवसर उपलब्ध हैं। आवश्यकता है तो केवल आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास की। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार की समस्या या अन्याय की स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है और छात्राओं को जागरूक नागरिक बनने की दिशा में आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने भी स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को अपने व्यक्तित्व विकास के लिए सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे कार्यक्रम छात्रों को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं।
बौद्धिक सत्र में योग प्रशिक्षक अंजनी कुमार दूबे और करुणेश पटेल ने योग के महत्व पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को विभिन्न योगासन और प्राणायाम के लाभों के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्थापन में एनएसएस स्टाफ विजय प्रकाश श्रीवास्तव और दिनेश श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। पूरे दिन चले कार्यक्रमों में स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज सेवा, नारी सशक्तिकरण और जागरूकता का संदेश दिया।
