प्रधानमंत्री के ऊर्जा बचत अभियान का दिखने लगा असर, साइकिल से दफ्तर पहुंच रहे जिला आबकारी अधिकारी
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर किए जा रहे आह्वान का असर अब जनपद में भी दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री योगी के ईंधन बचत संबंधी संदेश के बाद जिले के अधिकारियों में भी जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया ने ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम ईंधन की बचत के लिए एक सराहनीय पहल शुरू की है।
जिला आबकारी अधिकारी अब साइकिल से कार्यालय आने लगे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने दैनिक सरकारी कार्यों के लिए भी जहां तक संभव हो साइकिल का ही उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों, सुदूर क्षेत्रों में निरीक्षण, दबिश अथवा विशेष अभियानों के दौरान ही पेट्रोलियम से संचालित वाहनों का प्रयोग किया जाएगा।
प्रगल्भ लवानिया का कहना है कि यदि हर व्यक्ति छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए तो ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा परिणाम सामने आ सकता है। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहद जरूरी है।
ऊर्जा बचत के प्रति उनकी सजगता केवल सड़क तक ही सीमित नहीं है। कार्यालय में भी वे बिजली की बचत को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। कार्यालय में अपनी सीट से उठते समय वे स्वयं पंखों, बल्बों और अन्य विद्युत उपकरणों के स्विच बंद करना नहीं भूलते। खास बात यह है कि इसके लिए वे किसी कर्मचारी पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि स्वयं अपने हाथों से स्विच ऑफ करते हैं।
जिला आबकारी अधिकारी की यह पहल अब विभागीय कर्मचारियों और अन्य अधिकारियों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई कर्मचारियों ने भी अनावश्यक बिजली उपयोग से बचने और ईंधन की बचत करने का संकल्प लेना शुरू कर दिया है।
पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सादगीपूर्ण जीवनशैली की दिशा में जिला आबकारी अधिकारी की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अधिकारी इसी तरह व्यवहारिक स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत करें तो आम जनता में भी जागरूकता तेजी से बढ़ेगी।
