परमात्म स्मृति में श्रद्धा और योग साधना के साथ मनाया गया मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का स्मृति दिवस
प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर

Gonda News
गोंडा। ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर बुधवार को संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका एवं आध्यात्मिक जगत की प्रेरणास्रोत मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती (ओम राधे) का स्मृति दिवस परमात्म स्मृति, योग साधना और श्रद्धांजलि सभा के साथ भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने उपस्थित होकर मातेश्वरी जी के जीवन आदर्शों को स्मरण किया तथा विश्व शांति के लिए सामूहिक योग साधना की।
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बीके चांदनी दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती जी का बचपन का नाम ओम राधे था। उन्होंने अल्प आयु में ही अपने जीवन को ईश्वरीय सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। गहन योग तपस्या और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से उन्होंने परमात्म शक्तियों को आत्मसात किया तथा जन-जन तक ईश्वरीय ज्ञान और आध्यात्मिक संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
उन्होंने कहा कि मातेश्वरी जी ने संस्था में समर्पित भाई-बहनों को मां के समान स्नेह, संरक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके त्याग, तपस्या और सेवा भाव ने लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दी। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने स्थूल शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया। उनकी पुण्य स्मृति में प्रत्येक वर्ष 24 जून को ब्रह्माकुमारीज के सभी सेवा केंद्रों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
बीके चांदनी दीदी ने बताया कि इस अवसर पर संस्था से जुड़े लाखों भाई-बहन गहन योग साधना के माध्यम से विश्व को शांति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा का दान देते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी परमात्म स्मृति में बैठकर विश्व कल्याण और मानवता के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष राजयोग का अभ्यास किया।
स्मृति दिवस कार्यक्रम में मनीष अग्रवाल, बीके प्रीती दीदी, बीके शालिनी, बीके रागिनी, बीके अंकिता, बीके लाल बिहारी, यादवेंद्र भाई, राकेश भाई, अमर भाई, विश्वनाथ भाई, रामनिवास भाई, राघवेंद्र भाई, आशीष भाई, शिवम भाई सहित अनेक भाई-बहनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन शांति संदेश एवं विश्व कल्याण की कामना के साथ किया गया।