नई तैनाती से विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, कई ब्लॉकों में बदले गए बीडीओ
सीडीओ बोले— जवाबदेही तय कर योजनाओं का कराया जाएगा प्रभावी क्रियान्वयन
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। जनपद में ग्रामीण विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खण्ड विकास अधिकारियों (बीडीओ) एवं संयुक्त खण्ड विकास अधिकारियों की नई तैनाती सूची जारी कर दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के बाद कई विकास खण्डों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रशासन का मानना है कि नई तैनाती व्यवस्था से विकास कार्यों की गति तेज होगी और योजनाओं की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी।
जारी आदेश के अनुसार जिला प्रशिक्षण अधिकारी अभिषेक मणि त्रिपाठी को वजीरगंज विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी पद पर यथावत रखा गया है। पंडरी कृपाल ब्लॉक में तैनात बीडीओ ओम प्रकाश सिंह का तबादला करते हुए उन्हें बभनजोत ब्लॉक की जिम्मेदारी दी गई है। झंझरी ब्लॉक के बीडीओ वीरेंद्र कुमार मिश्र को मुजेहना विकास खण्ड का नया खण्ड विकास अधिकारी बनाया गया है।
परसपुर ब्लॉक में सत्य प्रकाश पाण्डेय को नया बीडीओ नियुक्त किया गया है। वहीं डीआरडीए के परियोजना निदेशक सुशील कुमार पाण्डेय को करनैलगंज ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार पूर्ववत सौंपा गया है। खण्ड विकास अधिकारी देवनायक सिंह को हलधरमऊ ब्लॉक के साथ-साथ कटरा बाजार ब्लॉक का अतिरिक्त दायित्व भी दिया गया है।
राम लगन वर्मा को नवाबगंज विकास खण्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि नवाबगंज में कार्यरत संजय कुमार को पंडरी कृपाल ब्लॉक भेजा गया है। गौरीशा श्रीवास्तव को मनकापुर विकास खण्ड का बीडीओ बनाया गया है। मातूलाल यादव को तरबगंज तथा रवि कुमार गुप्ता को बेलसर विकास खण्ड का दायित्व सौंपा गया है।
इसी क्रम में रुपईडीह ब्लॉक में तैनात अभय कुमार सिंह को हटाकर छपिया ब्लॉक भेजा गया है। उनके स्थान पर एसडीएम विनीत कुमार को रुपईडीह विकास खण्ड का खण्ड विकास अधिकारी बनाया गया है। विजय कुमार मिश्र को इटियाथोक ब्लॉक में यथावत रखा गया है, जबकि उपायुक्त स्वतः रोजगार जेएन राव को झंझरी ब्लॉक का नया खण्ड विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।
जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नई तैनाती व्यवस्था से विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप जिम्मेदारी दी गई है, जिससे ग्राम पंचायतों में चल रही योजनाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में सुधार आएगा।