ईरान पर हमले के विरोध में वामपंथी दलों का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को सौंपा मांग पत्र
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध के खतरे के विरोध में जनपद गोंडा के वामपंथी दलों ने प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के नाम संबोधित मांग पत्र सौंपते हुए विभिन्न नीतियों और विधेयकों को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
वामपंथी दलों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) – सीपीआईएम तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करते हुए कहा कि अमेरिका और इजराइल के गठजोड़ द्वारा ईरान पर किया गया हमला विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि साम्राज्यवादी ताकतें विश्व समुदाय पर जबरन युद्ध थोपने का प्रयास कर रही हैं, जिसका लोकतांत्रिक ताकतों को विरोध करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण की तरह किए जा रहे व्यापार समझौतों को तत्काल रद्द किया जाए। साथ ही बीज विधेयक 2025, चार लेबर कोड, इलेक्ट्रिसिटी विधेयक 2025, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0, बीवीजी रामजी अधिनियम 2025 तथा शांति विधेयक को निरस्त करने की मांग उठाई।
नेताओं ने कहा कि ईरान पर इजरायल द्वारा किए गए हमलों में निर्दोष नागरिकों और बच्चों की मौत हो रही है। इस संवेदनशील मुद्दे को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक उन्माद के रूप में फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि विदेशों, विशेषकर मध्य पूर्व एशिया में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उनके सुरक्षित स्वदेश लौटने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए।
वामपंथी दलों ने घरेलू व कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में की गई वृद्धि को भी तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही गरीबों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई बंद करने तथा भूमिहीनों को घर बनाने के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की गई।
इस मौके पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला मंत्री ईश्वर शरण शुक्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला मंत्री कौशलेंद्र पांडेय तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के जिला मंत्री जमाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में कामरेड सत्यनारायण त्रिपाठी, कामरेड मुन्ना राम गौतम, रविशंकर विश्वकर्मा, कामरेड अमित शुक्ला, कामरेड आनन्द प्रकाश त्रिपाठी, कामरेड सुरेश कनौजिया, कामरेड रामगोविन्द, राजीव सिंह, कामरेड रमेश चौबे, सत्यपाल, कामरेड लाल सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।