गुरु पूर्णिमा पर तुलसी जन्मभूमि राजापुर में हुआ तुलसी पूजन, गुरु वंदन और विशाल भंडारा
डॉ. स्वामी भगवताचार्य के सानिध्य में जुटे संत, श्रद्धालु व गणमान्यजन; भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर तुलसी जन्मभूमि, सूकर क्षेत्र राजापुर में सनातन धर्म परिषद एवं तुलसी जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवताचार्य के सानिध्य में तुलसी पूजन, गुरु पूजन एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों साधु-संतों, श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों ने सहभागिता कर गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ बलरामपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी ने डॉ. स्वामी भगवताचार्य का माल्यार्पण कर किया। उन्होंने स्वामी जी को अंगवस्त्र, फल एवं मिष्ठान्न भेंट कर विधिवत गुरु पूजन किया।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने भी डॉ. स्वामी भगवताचार्य का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए सौभाग्य का विषय है कि संपूर्ण विश्व को भगवान राम के आदर्शों से परिचित कराने और मानव जीवन को मर्यादा, सदाचार एवं आदर्शों की राह दिखाने वाले महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि पर गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाने का अवसर प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि, उनके गुरु स्वामी नरहरिदास से जुड़ा पावन सूकर क्षेत्र और गुरु पूर्णिमा का यह पुनीत संयोग सभी के लिए अत्यंत गौरव एवं सौभाग्य का विषय है। ऐसे पवित्र अवसर का सानिध्य मिलना हम सभी के लिए धन्य होने जैसा है।
इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम, परसपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी अनामिका दीदी एवं उनकी टीम ने डॉ. स्वामी भगवताचार्य, बलरामपुर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी तथा पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा का तिलक-चंदन कर स्वागत किया। सभी को अंगवस्त्र एवं ब्रह्माकुमारी पट्टिका पहनाकर सम्मानित किया गया तथा मिष्ठान्न व प्रसाद भेंट किया गया।
कार्यक्रम में साहित्यकार हनुमान प्रसाद दुबे, तुलसी जन्मभूमि राजापुर के प्रमुख सांवल चौधरी, परसपुर नगर पंचायत के पूर्व सभासद जगदीश सोनी, ओंकार सिंह, प्रिंस तिवारी, राकेश मौर्य सहित बड़ी संख्या में साधु-संत एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन का आनंद लिया और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा के इस धार्मिक आयोजन ने तुलसी जन्मभूमि राजापुर के वातावरण को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर कर दिया।
