कस्तूरबा विद्यालय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जागरूकता कार्यक्रम, बालिकाओं को स्वावलंबन का दिया संदेश
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत गुरुवार को विकासखंड रुपईडीह स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बालिकाओं को अपनी प्रतिभा पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
महिला कल्याण विभाग के हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक बालिका में अपार प्रतिभा और क्षमता होती है। जरूरत इस बात की है कि वे अपनी अभिरुचि, दक्षता और गुणों को पहचानें तथा उन्हें निखारकर जीवन में सफलता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और शिक्षा ही महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है।
जेंडर स्पेशलिस्ट ज्योत्स्ना सिंह ने कहा कि आज की बालिकाएं और महिलाएं सामाजिक रूढ़ियों की बेड़ियां तोड़कर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रशासनिक सेवा, पुलिस, साहित्य, व्यवसाय, विदेश सेवा, हवाई सेवा और खेल जगत सहित सभी क्षेत्रों में महिलाएं उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश का नाम रोशन कर रही हैं।
कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट राज कुमार आर्य ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना समेत अन्य योजनाओं की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया समझाते हुए पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डेन सरिता सिंह, पूर्णकालिक शिक्षिका बृजेशलता, बीना चौधरी, रिचा, सविता जायसवाल, श्रुति पटेल, अकाउंटेंट रविनीश कुमार मिश्रा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
