कजरी तीज पर 11 से 15 सितंबर तक निर्बाध रहेगी बिजली, मंडलायुक्त ने एमडी को लिखा पत्र
कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक को देखते हुए लिया गया फैसला, सरयू घाट से पृथ्वीनाथ व दुखहरण नाथ मंदिर तक कांवड़ मार्गों पर विशेष व्यवस्था
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। कजरी तीज पर्व पर जिले में होने वाली कांवड़ यात्रा और प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक को देखते हुए श्रद्धालुओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की कवायद तेज हो गई है। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कांवड़ यात्रा एवं कजरी तीज मेले के दौरान बिजली व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। उन्होंने 11 सितंबर की शाम से 15 सितंबर तक कांवड़ मार्गों, मेला क्षेत्रों और प्रमुख शिव मंदिरों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है।
कजरी तीज के अवसर पर गोंडा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु करनैलगंज के सरयू घाट से पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। कांवड़ियों का एक प्रमुख मार्ग सरयू घाट करनैलगंज से कटरा-कौड़िया होते हुए खरगूपुर स्थित बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर तक जाता है। वहीं दूसरा प्रमुख मार्ग सरयू घाट करनैलगंज से करनैलगंज-बालपुर होते हुए गोंडा शहर के बाबा दुखहरण नाथ मंदिर तक पहुंचता है। इन दोनों मार्गों पर कांवड़ियों की भारी भीड़ के साथ जगह-जगह सेवा शिविर और विश्राम स्थल भी लगाए जाते हैं।
कजरी तीज के दिन इन दोनों प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। खरगूपुर का बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर जिले के प्रमुख शिवधामों में शामिल है, जबकि शहर स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में कांवड़िये सरयू जल लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा बलेश्वरनाथ मंदिर भी जिले के प्रमुख जलाभिषेक स्थलों में शामिल है।
मंडलायुक्त के पत्र के बाद बिजली विभाग ने भी कांवड़ मार्गों और मेला क्षेत्रों से जुड़े विद्युत उपकेंद्रों को लगातार सक्रिय रखने की तैयारी की है। विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी आने पर तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की जा रही है। कजरी तीज के दौरान इन मार्गों पर रात-दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रकाश व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति को सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
प्रशासन की ओर से कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश, बैरिकेडिंग, पार्किंग, चिकित्सा शिविर और यातायात प्रबंधन की भी व्यवस्था की जा रही है। सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर और सरयू घाट से दुखहरण नाथ मंदिर तक के मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर कैमरे और चिकित्सा शिविर लगाने के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
इस बार बिजली आपूर्ति को लेकर मंडलायुक्त की पहल का उद्देश्य यही है कि कांवड़ियों को पूरी रात निर्बाध प्रकाश मिले और जलाभिषेक के लिए मंदिरों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कजरी तीज मेले और कांवड़ यात्रा के दौरान 11 से 15 सितंबर तक बिजली व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी