दिव्यांग बच्चों की राह होगी आसान, जरूरत के मुताबिक मिलेंगे सहायक उपकरण
करनैलगंज ब्लॉक में समेकित शिक्षा के तहत परीक्षण शिविर आयोजित, 28 नवंबर को होगा निःशुल्क उपकरण वितरण
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इसी क्रम में करनैलगंज विकासखंड में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (एलिम्को), कानपुर के सहयोग से सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दिव्यांग बच्चों की शारीरिक एवं अन्य आवश्यकताओं का विशेषज्ञों की टीम ने परीक्षण किया तथा परीक्षण के आधार पर उन्हें उपयोगी उपकरण उपलब्ध कराने की संस्तुति की गई।
शिविर का आयोजन जिलाधिकारी की प्रेरणा, मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का संचालन खंड शिक्षा अधिकारी करनैलगंज के निर्देशन में किया गया। शिविर का उद्देश्य विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ विद्यालय आने-जाने और दैनिक गतिविधियों में उन्हें अधिक से अधिक आत्मनिर्भर एवं सुगम सुविधा उपलब्ध कराना रहा।
समेकित शिक्षा के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि दिव्यांगता के कारण उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए और वे अन्य बच्चों की तरह विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय रूप से प्रतिभाग कर सकें।
शिविर के दौरान भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (एलिम्को), कानपुर से आए विशेषज्ञों ने बच्चों का परीक्षण किया। परीक्षण के आधार पर ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, कैलीपर, श्रवण यंत्र, सीपी चेयर, टीएलएम किट तथा दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल किट सहित विभिन्न सहायक उपकरणों की संस्तुति की गई। उपकरणों के लिए पात्र बच्चों को परीक्षण के बाद रसीद भी उपलब्ध कराई गई, जिसके आधार पर आगामी 28 नवंबर 2026 को आयोजित वितरण शिविर में निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।
शिविर के आयोजक जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समेकित शिक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य केवल दिव्यांग बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाना ही नहीं, बल्कि उनकी जरूरतों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में समान अवसर प्रदान करना है। सहायक उपकरण मिलने से बच्चों की विद्यालय तक पहुंच आसान होगी और उनकी शैक्षिक गतिविधियों में भागीदारी भी बढ़ेगी।
एलिम्को की विशेषज्ञ टीम में पी एंड ओ अमर बहादुर एवं अब्दुल रहमान, ऑडियोलॉजिस्ट हरेंद्र कुमार सिंह, डाटा मैन हर्षित तिवारी तथा टेक्निशियन गौरव तिवारी ने बच्चों का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. एके गुप्ता भी उपस्थित रहे और आवश्यक चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में विशेष शिक्षक विनय कुमार सिंह, सुनीत कुमार मिश्रा, रवि प्रताप सिंह, सचिन प्रताप सिंह, अमंजय जायसवाल, अनिमेष चंद्र पांडेय, पुलकित शुक्ला, सविता, कुमकुम चौधरी, विजय कुमार, सत्यदेव सिंह एवं अविनाश सिंह ने सहयोग प्रदान किया। बीआरसी के एमआईएस कोऑर्डिनेटर आदर्श सिंह ने भी शिविर की व्यवस्थाओं एवं अभिलेखीय कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
अधिकारियों एवं शिक्षकों ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। साथ ही विद्यालय आने-जाने में होने वाली कठिनाइयां कम होंगी और वे शिक्षा के साथ अन्य विद्यालयी गतिविधियों में भी बेहतर ढंग से भाग ले सकेंगे।
