कैजुअल लीव बाकी है तो शिक्षकों का नहीं कटेगा एक दिन का वेतन
वित्त एवं लेखाधिकारी ने बीएसए को लिखा पत्र, महानिदेशक के आदेश का अनुपालन कराने को कहा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को एक दिन की अनुपस्थिति पर होने वाली वेतन कटौती से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कर्मचारी के खाते में आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) उपलब्ध रहने तक केवल एक दिन अनुपस्थित रहने के आधार पर वेतन अवरुद्ध या कटौती नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा गोंडा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को बाकायदा पत्र लिखकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
वित्त एवं लेखाधिकारी की ओर से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा शिक्षा निदेशक (बेसिक) की ओर से पूर्व में जारी निर्देशों का हवाला दिया गया है। पत्र में मानव संपदा पोर्टल पर एक दिवसीय वेतन कटौती से संबंधित बढ़ते अवशेष प्रकरणों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जब तक किसी कर्मचारी के अवकाश खाते में कोई अवकाश उपलब्ध न हो, तब तक एक दिन की अनुपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती की कार्रवाई न की जाए।
विभागीय निर्देशों के अनुसार यदि कर्मचारी के खाते में आकस्मिक अवकाश उपलब्ध है और वह एक दिन अनुपस्थित रहता है तो उसे उपलब्ध आकस्मिक अवकाश से समायोजित किया जाना चाहिए। इसके बावजूद गोंडा जिले में अब तक ऐसे मामलों में वेतन कटौती किए जाने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी थी।
शिक्षकों का कहना है कि आकस्मिक अवकाश उपलब्ध होने के बावजूद वेतन काटे जाने के बाद उसे वापस पाने के लिए उन्हें विभागीय स्तर पर लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। कई मामलों में वेतन के रूप में काटी गई धनराशि को एरियर के तौर पर प्राप्त करने के लिए शिक्षकों को मजबूरी में चिकित्सकीय अवकाश का सहारा लेना पड़ता था। इससे न केवल अनावश्यक परेशानी होती थी, बल्कि विभागीय स्तर पर भी ऐसे प्रकरणों का बोझ बढ़ रहा था।
अब वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजे जाने के बाद शिक्षकों को उम्मीद है कि महानिदेशक के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप गोंडा में भी व्यवस्था लागू होगी और आकस्मिक अवकाश उपलब्ध होने की स्थिति में एक दिन की अनुपस्थिति पर वेतन कटौती नहीं की जाएगी।
पत्र में वित्त एवं लेखाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इससे जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन कटौती के मामले में बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता 9415120996