ड्रोन प्रशिक्षण पाकर उत्साहित हुए एनसीसी कैडेट, पहली बार शिविर में मिला आधुनिक सैन्य तकनीक का अनुभव
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
मनकापुर (गोंडा)। स्थानीय मनकापुर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में चल रहे 10 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में कैडेटों को आधुनिक सैन्य तकनीक से रूबरू कराया गया। शिविर में पहली बार कैडेटों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया, जिसे लेकर उनमें खासा उत्साह देखने को मिला।
कैंप कमांडेंट कर्नल सुनील कपूर के प्रयासों से सेय ड्रोन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रशिक्षित विशेषज्ञों ने कैडेटों को ओरिजिनल ड्रोन के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों को ड्रोन उड़ाने की बारीकियों, उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली और युद्ध के दौरान उसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि वर्तमान समय में भारतीय सेना में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आधुनिक युद्ध में ड्रोन के जरिए दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ बिना सैनिकों को सीधे खतरे में डाले लक्ष्य को भेदा जा सकता है। इसी बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए एनसीसी प्रशिक्षण में भी ड्रोन संचालन को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
कैंप कमांडेंट कर्नल सुनील कपूर ने बताया कि शिविर में यह प्रशिक्षण पहली बार आयोजित किया गया है। चयनित कैडेटों को ड्रोन संचालन की विस्तृत तकनीकी जानकारी अलग से दी जाएगी। भविष्य में प्रत्येक कैडेट को इस प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना है, ताकि वे आधुनिक सैन्य तकनीकों से परिचित हो सकें।
शिविर में ड्रोन प्रशिक्षण के अलावा कैडेटों को सेना में युद्ध के दौरान टेंट लगाने, खोलने और कम समय में उसे व्यवस्थित करने का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान टेंट खोलने और जोड़ने की प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें कैडेटों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता के समापन पर लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव तिवारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया। शिविर में पूरे दिन कैडेटों के बीच उत्साह और रोमांच का माहौल बना रहा। आधुनिक तकनीक और सैन्य अनुशासन के समन्वय से यह प्रशिक्षण कैडेटों के लिए यादगार अनुभव बन गया।
