दिव्यांग बच्चों को जरूरत के अनुसार मिलेंगे सहायक उपकरण
पंडरी कृपाल में आयोजित परीक्षण शिविर में चार ब्लॉकों के 204 बच्चों ने लिया भाग, 27 नवंबर को होगा उपकरण वितरण
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को बीआरसी पंडरी कृपाल में सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंडरी कृपाल, इटियाथोक, झंझरी और मुजेहना विकासखंडों के करीब 204 बच्चों ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी की प्रेरणा, मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने किया। शिविर में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (एलिम्को), कानपुर के विशेषज्ञों की टीम ने बच्चों का परीक्षण कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरणों की संस्तुति की।
जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समावेशी शिक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध कराना है। विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को विद्यालय आने-जाने तथा शिक्षा ग्रहण करने में होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शिविर में एलिम्को कानपुर से पहुंचे पीएंडओ अमर बहादुर और अब्दुल रहमान, ऑडियोलॉजिस्ट हरेंद्र कुमार सिंह, डाटा मैन हर्षित तिवारी तथा टेक्निशियन गौरव तिवारी ने बच्चों का परीक्षण किया। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक डॉ. संध्या सिंह भी मौजूद रहीं।
परीक्षण के दौरान बच्चों की जरूरत के अनुसार ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कैलीपर, श्रवण यंत्र, सीपी चेयर, टीएलएम किट तथा दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल किट उपलब्ध कराने की संस्तुति की गई। परीक्षण में शामिल बच्चों को उपकरणों की संस्तुति के बाद पर्ची भी उपलब्ध कराई गई। इसी पर्ची के आधार पर आगामी 27 नवंबर 2026 को आयोजित वितरण शिविर में बच्चों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।
शिविर को व्यवस्थित और सुगमता से संपन्न कराने में विशेष शिक्षक चंद्रसेन पाठक, चंद्रशेखर, विनय कुमार सिंह, सुनीत कुमार मिश्रा, रवि प्रताप सिंह, सचिन प्रताप सिंह, अमंजय जायसवाल, अनिमेष चंद्र पांडेय, पुलकित शुक्ला, अंकित शुक्ला, अशोक कुमार, राजेश कुमार शुक्ल, पंचराम, विजय कुमार और राम लाल ने सहयोग किया। बीआरसी के लेखाकार महेश शुक्ला ने भी शिविर के संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे बिना किसी बाधा के विद्यालय पहुंचकर शिक्षा प्राप्त कर सकें और शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
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