श्रीराम व हनुमान भक्ति में डूबा पैड़ीबरा, चौथे दिन कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब
ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ला ने किया रामकथा में आए अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता*
Gonda News
गोंडा। कौड़िया बाजार क्षेत्र के सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में 3 मई से चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा अब अपने चरम पर पहुंचती दिखाई दे रही है। चौथे दिन बुधवार को कथा स्थल पूरी तरह श्रीराम और बजरंगबली की भक्ति में सराबोर नजर आया। कथा वाचक राजन जी महाराज ने रामचरित मानस के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, उनके त्याग, करुणा और धर्मनिष्ठा को विस्तार से प्रस्तुत किया, वहीं हनुमानजी की भक्ति, सेवा और समर्पण की महिमा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के दौरान जब सुंदरकांड और हनुमानजी के पराक्रम का वर्णन हुआ तो पूरा पंडाल “जय श्रीराम” और “बजरंगबली की जय” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का रसपान करते नजर आए। कथा वाचक ने कहा कि श्रीराम का जीवन मानवता के लिए आदर्श है, वहीं हनुमानजी सेवा, समर्पण और अटूट भक्ति के प्रतीक हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
बुधवार को कथा में जिला पंचायत श्रावस्ती के अध्यक्ष दद्दन मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी अपने सहयोगियों के साथ तथा विशेश्वरगंज के ब्लॉक प्रमुख राकेश पाण्डेय ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया। सभी अतिथियों ने भगवान श्रीराम और हनुमानजी की आरती में भाग लेकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
इससे पूर्व मंगलवार को भी कथा में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी थी। एससीपीएम ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल एंड कॉलेज के डॉ. ओएन पांडे तथा अजिताभ दुबे सपत्नीक कथा स्थल पहुंचे और आरती में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मुख्य आयोजक एवं कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ला ने बताया कि कथा के माध्यम से रामचरित मानस के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रीराम ने धर्म और सत्य के मार्ग पर चलकर आदर्श स्थापित किए, उसी प्रकार हनुमानजी ने निस्वार्थ सेवा और भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।
आयोजन समिति के शंकर भगवान शुक्ला, ऋषि शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों की सक्रिय देखरेख में कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल पंडाल, बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कथा स्थल पर भजन-कीर्तन, शंखनाद और जयकारों के बीच ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है कि पूरा क्षेत्र राममय और हनुमानमय हो उठा है। श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती भीड़ इस बात का संकेत है कि श्रीराम कथा के प्रति लोगों की आस्था दिनोंदिन और प्रगाढ़ होती जा रही है।
