मातृ दिवस पर महर्षि विद्या मंदिर में भावनाओं और संस्कारों का संगम, छात्राओं ने प्रस्तुत किए मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। महर्षि विद्यालय समूह की इकाई महर्षि विद्या मंदिर, जानकी नगर गोंडा में सोमवार को मातृ दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सहस्त्रशीर्षा देवी मंडल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं, उनकी माताओं तथा विद्यालय परिवार की सहभागिता ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बना दिया। विद्यालय परिसर दिनभर गीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मातृत्व सम्मान के भाव से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की परंपरा के अनुसार गुरु पूजन एवं गुरु वंदना के साथ हुआ। सहस्त्रशीर्षा देवी मंडल की अध्यक्षा नलिनी बाजपेई और विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य विनोद कुमार श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का अभिनंदन किया।
मातृ दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने नृत्य, संगीत, समूहगान, कविता पाठ एवं भाषण के माध्यम से मां के त्याग, प्रेम, स्नेह और ममता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान छात्राओं ने मां के संघर्ष, परिवार के प्रति समर्पण और बच्चों के जीवन निर्माण में उनकी भूमिका को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया। कार्यक्रम में मौजूद माताओं ने भी बच्चों के साथ सहभागिता करते हुए विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिससे विद्यालय परिसर में आत्मीयता और पारिवारिक माहौल देखने को मिला।
विद्यालय की अध्यापिका अनुराधा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और संस्कारों की पहली गुरु होती है। उन्होंने बच्चों को अपनी माता के प्रति आदर, सेवा और प्रेम का भाव बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए माता-पिता का सम्मान और उनका आशीर्वाद सबसे महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम के दौरान कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक भी कर दिया। मां-बेटी के रिश्ते पर आधारित गीतों और प्रस्तुतियों को खूब सराहा गया। छात्राओं ने अपनी माताओं को समर्पित संदेश पढ़कर उन्हें धन्यवाद दिया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में लतिका पाठक, शालिनी श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, ज्योति मिश्रा और वंदना सिंह सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा। शिक्षिकाओं ने छात्राओं को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए तैयार करने के साथ कार्यक्रम के संचालन एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में नलिनी बाजपेई ने विद्यालय में उपस्थित छात्राओं, उनकी माताओं और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मातृ शक्ति समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है और बच्चों के सर्वांगीण विकास में मां की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। अंत में सभी उपस्थित लोगों को मिष्ठान वितरित किया गया तथा हर्षोल्लास और उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।
