साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान में छात्राओं को किया गया जागरूक
महिला पुलिसकर्मियों ने ऑनलाइन अपराधों से बचाव और आत्मसुरक्षा के बताए उपाय
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। महर्षि शिक्षण संस्थान की इकाई महर्षि विद्या मंदिर, जानकी नगर गोंडा में गुरुवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य विनोद कुमार श्रीवास्तव की उपस्थिति में थाना कोतवाली गोंडा से आई महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेकर धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी अथवा बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने से बचें।
महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को यह भी बताया कि यदि किसी प्रकार की ऑनलाइन प्रताड़ना, फर्जी कॉल, साइबर ब्लैकमेलिंग अथवा सोशल मीडिया पर अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं सामने आएं तो तुरंत पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों एवं शिक्षकों को देने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों और हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है। छात्राओं ने भी कार्यक्रम में रुचि लेते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका महिला पुलिसकर्मियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से उत्तर दिया।
विद्यालय की शिक्षिकाओं लतिका पाठक, पूर्णिमा शुक्ला और नलिनी बाजपेई ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग किया। अंत में प्रभारी प्रधानाचार्य विनोद कुमार श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों और महिला पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
