बाल विकास विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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रुपईडीह ब्लॉक में संबद्धता के सहारे एक और सीडीपीओ की तैनाती, विभागीय व्यवस्था पर उठे सवाल
कहीं एक भी नियमित सीडीपीओ नहीं, तो कहीं दो-दो अधिकारी; कई परियोजनाओं का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अफसर
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

 

Gonda news
गोंडा। जिले के बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में अधिकारियों की तैनाती और अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर कई विकासखंड ऐसे हैं जहां नियमित बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) की तैनाती नहीं है और वरिष्ठ मुख्य सेविकाओं से कार्य कराया जा रहा है, वहीं रुपईडीह विकासखंड में पहले से तैनात सीडीपीओ के रहते एक अन्य सीडीपीओ को संबद्ध किए जाने से विभागीय गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, रुपईडीह ब्लॉक में पहले से सीडीपीओ दुर्गेश कुमार गुप्ता तैनात हैं। उनके पास रुपईडीह के अलावा बभनजोत और वजीरगंज परियोजनाओं का भी अतिरिक्त प्रभार है। इसके बावजूद हाल ही में सीडीपीओ अंजना झा को भी रुपईडीह ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है।
दूसरी ओर तरबगंज और परसपुर विकासखंडों में नियमित सीडीपीओ की तैनाती नहीं होने के कारण वहां वरिष्ठ मुख्य सेविकाओं से सीडीपीओ का कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में एक ही ब्लॉक में दो अधिकारियों की मौजूदगी और अन्य ब्लॉकों में नियमित अधिकारी का अभाव विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
विभाग में अतिरिक्त प्रभार का दायरा भी काफी बड़ा है। सीडीपीओ रमा सिंह नवाबगंज के साथ मनकापुर परियोजना का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं। इसके अलावा सहायिका चयन प्रक्रिया में छपिया ब्लॉक की जिम्मेदारी भी उनके पास है। वहीं सीडीपीओ नंदिनी घोष के पास कटरा बाजार के साथ हलधरमऊ और मुजेहना परियोजनाओं का अतिरिक्त दायित्व है। इसी प्रकार सीडीपीओ नीतू रावत शहरी परियोजना के साथ करनैलगंज ब्लॉक की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार करीब दो माह पहले इटियाथोक ब्लॉक की तत्कालीन सीडीपीओ अंजना झा एवं वहां तैनात एक लिपिक के विरुद्ध एक महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा अनावश्यक दबाव बनाए जाने की शिकायत की गई थी। मामले की जांच विभाग ने समकक्ष अधिकारी सीडीपीओ दुर्गेश कुमार गुप्ता को सौंपी थी। जांच के बाद अंजना झा का स्थानांतरण तरबगंज कर दिया गया था। हालांकि, तरबगंज परियोजना में लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बाद में आदेश में संशोधन करते हुए अंजना झा को रुपईडीह ब्लॉक से संबद्ध कर दिया।
इस आदेश के बाद विभागीय गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कुछ कर्मचारी इसे अधिकारियों के बीच बढ़ते मतभेदों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि विभाग में कुछ अधिकारियों को विशेष महत्व दिए जाने के कारण ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हालांकि, विभाग की ओर से इस संबद्धता को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
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