सहायिका भर्ती प्रक्रिया से छपिया की सीडीपीओ वंदना हटाई गईं

उत्तर प्रदेश गोंडा
आंगनबाड़ी भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, छपिया की सीडीपीओ वंदना भर्ती प्रक्रिया से हटाई गईं
ऑडियो क्लिप के आधार पर मिली शिकायतों के बाद विभाग सख्त, अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित

Indianewsport.com ने पहले ही ‘यहां तो बिक रहे हैं सहायिका के पद बोलो खरीदोगे’ शीर्षक से कर दी थी खबर

प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News


गोंडा।
जनपद में आंगनबाड़ी सहायिका की चल रही भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए विकास खंड छपिया की बाल विकास परियोजना अधिकारी (संविदा) वंदना को भर्ती प्रक्रिया से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में पूरे प्रकरण की जांच कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास गोंडा से जारी आदेश के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका के चयन से संबंधित शिकायतें विभाग को ऑडियो क्लिप के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। शिकायतों में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच कराई गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विकास खंड छपिया की बाल विकास परियोजना अधिकारी (संविदा) वंदना को भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुतकर्ता अधिकारी के दायित्व से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
आदेश की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई और जानकारी के लिए निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उत्तर प्रदेश लखनऊ, जिलाधिकारी गोंडा तथा मुख्य विकास अधिकारी गोंडा को भी भेजी गई है, ताकि भर्ती प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
इस कार्रवाई के बाद जिले में चल रही आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है। माना जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग अब शिकायतों की बारीकी से जांच करेगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका की भर्ती को लेकर समय-समय पर अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में छपिया ब्लॉक से जुड़े इस मामले में की गई कार्रवाई को प्रशासन की सख्त निगरानी और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीडीपीओ कार्यालय में फर्जी कर्मचारी बनकर वसूली के इस मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

गोण्डा। जनपद के छपिया विकास खंड स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में स्वयं को कर्मचारी बताकर लोगों से धन की मांग करने के मामले में छपिया की सीडीपीओ वंदना श्रीवास्तव के तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। विभागीय शिकायत और जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
बताया जाता है कि मन्नू वर्मा नामक व्यक्ति लंबे समय से बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय छपिया में स्वयं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताकर लोगों के बीच सक्रिय था। आरोप है कि वह कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहता था और नियुक्ति सहित अन्य कार्य कराने के नाम पर लोगों से धन की मांग करता था।
इस संबंध में शिकायतें मिलने के बाद मामला संज्ञान में आया। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से पत्र जारी कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी छपिया ने थाना छपिया में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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