मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: सैकड़ों शिक्षकों को मिले हेल्थ कार्ड
सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा— शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत रविवार को श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में कार्ड वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायता प्राप्त अशासकीय एवं वित्तविहीन महाविद्यालयों के अनुमोदित शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड वितरित किए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने कहा कि शिक्षक देश के विकास की आधारशिला हैं। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अमूल्य है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिससे लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण एवं कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने इस योजना को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारकर सभी वर्गों के शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराया है। यह योजना शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और प्रदेश के समग्र विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
विशिष्ट अतिथि एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य ने कहा कि यह योजना शिक्षकों एवं उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अधिक निश्चिंत होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।कार्यक्रम का संचालन करते हुए संयोजक डॉ. रेखा शर्मा ने कहा कि यह योजना शिक्षकों के जीवन में सुकून, संतोष और सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगी। अंत में मुख्य नियंता प्रो. अमन चन्द्रा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक नोडल अधिकारी डॉ. नीरज कुमार यादव एवं डॉ. आर.बी. सिंह का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर प्रो. संदीप कुमार श्रीवास्तव, प्रो. अरविंद कुमार शर्मा, प्रो. अभय श्रीवास्तव, प्रो. जयशंकर तिवारी, डॉ. चमन कौर, डॉ. पुष्यमित्र मिश्रा, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, डॉ. लोहंस कल्याणी, डॉ. शिशिर त्रिपाठी, डॉ. पुनीत कुमार, डॉ. रवि ओझा, डॉ. वंदना भारतीय, डॉ. स्मिता सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. शैलेंद्र बहादुर सिंह, डॉ. पवन मिश्रा, डॉ. अखिलेश्वर प्रसाद शुक्ला, डॉ. हरिराम, डॉ. मनोज मिश्रा सहित विभिन्न महाविद्यालयों के सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
