सचल विज्ञान प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों में जगाई वैज्ञानिक सोच, ऊर्जा संरक्षण का दिया संदेश
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। आंचलिक विज्ञान नगरी (राष्ट्रीय संग्रहालय परिषद की इकाई), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से गुरुवार को पीएम श्री फलाह-ए-आम राजकीय इंटर कॉलेज, गोंडा में दो दिवसीय सचल विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद, ज्ञानार्जन की भावना विकसित करना तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और जिज्ञासा उत्पन्न करना है।
कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य डा. सुधीर कुमार पांडेय के संरक्षण में विद्यालय परिवार के सहयोग से किया गया। आयोजन में शालिनी मिश्रा (प्रवक्ता, रसायन विज्ञान), सुरेश कुमार सिंह (प्रवक्ता, अंग्रेजी), विनय कुमार शुक्ल (सहायक अध्यापक, विज्ञान), चन्द्र मोहन यादव (कम्प्यूटर शिक्षक), सीमाब अहमद (सुरक्षा), अभिराम वर्मा (व्यावसायिक शिक्षा-ऑटोमोबाइल), महेश यादव (पीटीए शिक्षक), सौरभ सिंह (पीटीए शिक्षक), ब्रजेश कुमार तिवारी (पीटीए शिक्षक), डा. श्रीमन्नारायण दूबे (सहायक अध्यापक, कृषि विज्ञान), रमेश कुमार शुक्ल (सहायक अध्यापक, संस्कृत) तथा राजवर्धन श्रीवास्तव (पूर्व सहायक अध्यापक, विज्ञान/गणित एवं अतिथि शिक्षक) ने संयोजन, समन्वयन एवं निर्देशन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाना तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हो रहे नवीन विकास के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना है। विज्ञान प्रदर्शनी बस में “उज्ज्वल भविष्य के लिए ऊर्जा बचाएं” विषय पर आधारित 20 स्वचालित एवं हस्तचालित वैज्ञानिक प्रदर्श लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से समझाया जा रहा है।
दो दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों के लिए विज्ञान आधारित फिल्म प्रदर्शन, विज्ञान व्याख्यान तथा विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे उन्हें विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिल सके।
प्रधानाचार्य डा. सुधीर कुमार पांडेय ने कहा कि प्रदर्शनी में विज्ञान के सिद्धांतों को प्रयोगों और व्याख्यानों के माध्यम से अत्यंत सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने विज्ञान शिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी प्रदर्शों को ध्यानपूर्वक देखें तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करें।
इस अवसर पर सुरेश कुमार सिंह, शालिनी मिश्रा, हंसराज भारती (सहायक अध्यापक, जीव विज्ञान), विनय कुमार शुक्ल, सौरभ सिंह (पीटीए शिक्षक, भौतिक विज्ञान), महेश यादव (पीटीए शिक्षक, रसायन विज्ञान), ब्रजेश कुमार तिवारी तथा राजवर्धन श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को ध्वनि, विद्युत ऊर्जा, ऊर्जा रूपांतरण, ऊर्जा संरक्षण तथा अन्य वैज्ञानिक प्रदर्शों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऊर्जा मानव जीवन की जीवनरेखा है और घरेलू कार्यों से लेकर परिवहन, उद्योग, उत्पादन तथा संचार तक हर क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों को अपनाने, आवश्यकता न होने पर विद्युत उपकरण बंद रखने तथा ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग की आदत विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि विज्ञान प्रदर्शनी के टीम प्रमुख सुयश सिंह तथा विद्यालय के विज्ञान शिक्षकों ने सरल प्रयोगों के माध्यम से पृष्ठ तनाव, अपकेन्द्री बल, अभिकेन्द्री बल, घर्षण, तनाव, द्रव्यमान, अम्ल, क्षार और सूचक जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को सहज एवं रोचक ढंग से समझाया, जिससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
आंचलिक विज्ञान नगरी की टीम में सुयश सिंह (टीम प्रमुख), मनीष गुप्ता (टेक्निकल स्टाफ) तथा श्यामू प्रसाद (चालक) शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के विज्ञान क्लब एवं गणित क्लब के सहयोग से संपन्न हुआ।
दो दिवसीय सचल विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता तथा शिक्षकों के सक्रिय सहयोग ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल और ज्ञानवर्धक बना दिया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और ऊर्जा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
