शिशु आहार की गुणवत्ता जांच के लिए एफएसडीए की कार्रवाई, दो नमूने लेकर जांच को भेजे गए
प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर

Gonda
गोंडा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं, विशेषकर शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने मंगलवार को जनपद में विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान शहर स्थित मेडिसन हॉस्पिटल की फार्मेसी तथा जनता मेडिकल हॉल से शिशु आहार (इन्फैंट फूड) के दो नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) अजीत मिश्र के निर्देशन एवं नेतृत्व में की गई। टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध शिशु आहार उत्पादों की जांच करते हुए उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें सीलबंद कर विश्लेषण हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि शिशु आहार अत्यंत संवेदनशील खाद्य उत्पादों की श्रेणी में आता है, जिसका सीधा संबंध नवजात एवं छोटे बच्चों के स्वास्थ्य से होता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी कमी अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान एवं उत्पाद के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार, अंकुर मिश्रा तथा मनीष मल्ल भी टीम में शामिल रहे। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया कि वे केवल मानक गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों का ही विक्रय करें तथा उत्पादों के भंडारण और बिक्री में खाद्य सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
एफएसडीए अधिकारियों ने कहा कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते रहेंगे। विभाग का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से बच्चों के लिए उपयोग होने वाले खाद्य उत्पादों की नियमित जांच कर उनकी गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो सके।
विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में सतर्कता बढ़ी है, वहीं उपभोक्ताओं को भी खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक रहने का संदेश मिला है। अब सभी की निगाहें प्रयोगशाला से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।