अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर महर्षि विद्या मंदिर में हुआ योग महोत्सव
योग से स्वस्थ तन-मन का संदेश, विद्यार्थियों व शिक्षकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर
Gonda News
गोण्डा, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महर्षि विद्यालय समूह की इकाई महर्षि विद्या मंदिर, जानकी नगर, गोण्डा में महर्षि विश्व शांति आंदोलन के तत्वावधान में योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग के महत्व को समझा तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की परंपरा के अनुरूप प्रधानाचार्य विनय कुमार मिश्रा द्वारा महर्षि जी, गुरु परंपरा के गुरुओं एवं मां सरस्वती के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके उपरांत गुरु-पूजन, गुरु-वंदना तथा सरस्वती वंदना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का सृजन हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
योग सत्र का संचालन विद्यालय के योग शिक्षक शैलेन्द्र कुमार यादव ने किया। उन्होंने सबसे पहले सभी प्रतिभागियों को प्राणायाम, अनुलोम-विलोम तथा महर्षि जी द्वारा प्रणीत भावातीत ध्यान का अभ्यास कराया। इसके बाद विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया, जिनमें सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, ताड़ासन, शवासन, भुजंगासन, शलभासन, वज्रासन सहित अनेक महत्वपूर्ण आसन शामिल रहे। योग शिक्षक ने प्रत्येक आसन की विधि और उनसे होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक सुरेश नारायण द्विवेदी ने योग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसके वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की एक समग्र पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति मानसिक तनाव, चिंता और विभिन्न रोगों से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जी सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग, ध्यान और प्राणायाम करने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है तथा आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है।
प्रधानाचार्य विनय कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में योग के महत्व, उसके लाभों और दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर हम न केवल स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि समाज को भी स्वस्थ और जागरूक बनाने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से नलिनी वाजपेयी, लतिका पाठक, मालिनी श्रीवास्तव तथा ज्योति मिश्रा की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।
अंत में प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। योग दिवस समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर योग, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

