बच्चों को शिक्षा दिलाने को लेकर अभिभावकों को किया जागरूक

गोंडा उत्तर प्रदेश
एजुकेशनल अवेयरनेस प्रोग्राम में शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों पर दिया गया जोर
दरसगाह इस्लामी स्कूल हलधर मऊ में आयोजित कार्यक्रम में अभिभावकों को बच्चों की बेहतर तालीम और तरबियत के लिए किया गया जागरूक
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News

गोंडा। शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से दरसगाह इस्लामी स्कूल, हलधर मऊ में “एजुकेशनल अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वच्छता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बच्चों के जीवन का अहम हिस्सा बनाने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना सकलेन अहमद ने किया, जबकि तालीमी नज़्म हाफिज अब्दुल अलीम द्वारा प्रस्तुत की गई। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के डायरेक्टर मोहसिन ख़ान ने की।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती कनीज़ फातमा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक बेहतर समाज की नींव अच्छी तालीम, साफ-सफाई, अनुशासन और सलीकेदार पहनावे से तैयार होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता और समय की पाबंदी की आदत विकसित करना बेहद आवश्यक है। स्कूल यूनिफॉर्म और व्यवस्थित रहन-सहन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उनके व्यक्तित्व को निखारता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके व्यवहार और संस्कारों पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की।
इंग्लिश अध्यापक फारूक अहमद ख़ान ने कार्यक्रम में आए सभी अभिभावकों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज में जागरूकता और तरक्की लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही विकसित और मजबूत समाज की पहचान होता है।
कार्यक्रम के दौरान कई अभिभावकों ने भी अपने विचार और सुझाव साझा किए। अभिभावकों ने बच्चों की नियमित पढ़ाई, अनुशासन, नैतिक शिक्षा तथा स्कूल से निरंतर जुड़ाव को अत्यंत आवश्यक बताया।
संस्था के डायरेक्टर मोहसिन ख़ान ने अपने संबोधन में बच्चों की तालीम, तरबियत और अच्छे संस्कारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों की उम्र सीखने और अपने भविष्य को मजबूत बनाने की होती है। यदि कम उम्र में उनके मन में केवल पैसे कमाने की सोच विकसित कर दी जाए, तो उनका ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर इंसान बनने का माध्यम भी है। बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अनुशासन, बड़ों का सम्मान, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों की भी सीख दी जानी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के लिए सकारात्मक शैक्षिक माहौल तैयार करने, उन्हें मोबाइल और अनावश्यक गतिविधियों से दूर रखने तथा नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।
मोहसिन ख़ान ने कहा कि एक शिक्षित बच्चा ही आगे चलकर अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करता है। इसलिए प्रत्येक माता-पिता का दायित्व है कि वे अपने बच्चों की अच्छी तालीम में कोई कमी न आने दें।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षक रमेश कुमार, हाफिज अब्दुल रशीद, फातमा, नूरी, कैफ़िया, तहमीना, राजकुमारी, अज़्म रिजवी, लायबा, संजीन सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। इनमें सरदार ख़ान, रहमान ख़ान, ज़ाहिद, अली अहमद, हैदर ख़ान, शहज़ाद ख़ान, हसीना, शबनम, सफ़िया, नूर आयशा, जूही ख़ान और शाहीन ख़ान समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।

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