शोध छात्रा साक्षी श्रीवास्तव को लाइफ साइंस के क्षेत्र में मिला बेस्ट साइंटिस्ट अवॉर्ड
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य तलाशना चाहिए। विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी और शोध कार्य देश के विकास को नई दिशा देंगे। उक्त विचार श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने महाविद्यालय की शोध छात्रा साक्षी श्रीवास्तव को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘बेस्ट साइंटिस्ट अवॉर्ड इन द फील्ड ऑफ लाइफ साइंस’ से सम्मानित किए जाने पर व्यक्त किए।
दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज, गोरखपुर एवं साइंस टेक इंस्टीट्यूट, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में साक्षी श्रीवास्तव को लाइफ साइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने साक्षी श्रीवास्तव एवं उनकी शोध निदेशक डॉ. रेखा शर्मा को बधाई देते हुए उनके शोध कार्य की सराहना की।
साक्षी श्रीवास्तव जनपद के रामसर साइट घोषित अरगा-पार्वती पक्षी विहार पर डॉ. रेखा शर्मा के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने ‘ब्लू-ग्रीन एल्गी ऑफ लेंटिक वाटर बॉडीज ऑफ गोंडा डिस्ट्रिक्ट: डायवर्सिटी एंड इंपोर्टेंस’ विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। उनके शोध पत्र को वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
यह भी उल्लेखनीय है कि साक्षी श्रीवास्तव ने वर्ष 2024 से 2025 तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के लिए अनुदानित मेजर प्रोजेक्ट में डॉ. रेखा शर्मा के मार्गदर्शन में शोध सहायक के रूप में भी कार्य किया है।
साक्षी श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर प्रोफेसर अमन चंद्र, प्रोफेसर संजय पांडेय, प्रोफेसर मानसाराम, प्रोफेसर संदीप श्रीवास्तव, प्रोफेसर शशिवाला, प्रोफेसर जयशंकर तिवारी, प्रोफेसर अरविंद कुमार शर्मा, प्रोफेसर श्रवण श्रीवास्तव, प्रोफेसर शिवशरण शुक्ला, डॉ. चमन कौर, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. स्मिता सिंह, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, ड्रिंकल यादव और अमित द्विवेदी सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए साक्षी श्रीवास्तव और उनकी शोध निदेशक डॉ. रेखा शर्मा को बधाई दी।
