मेडिकल कॉलेज में जन्म लेते ही बेटी को मिली पहचान, डीएम प्रियंका निरंजन ने नवजात का रखा ‘अनुग्रहिता’ नाम, केक काटकर मनाया कन्या जन्मोत्सव
प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर

Gonda News :
गोण्डा, 11 जुलाई। बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का संदेश देने के उद्देश्य से शनिवार को मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में ऐसा भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति का मन छू लिया। नवजात कन्या के जन्म की खुशियों को साझा करने के लिए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन स्वयं अस्पताल पहुंचीं और परिवार के साथ केक काटकर कन्या जन्मोत्सव मनाया। इस अनूठे आयोजन ने यह संदेश दिया कि बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व और खुशियों का अवसर है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के प्रसव विंग एवं वार्ड में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम बेसिया चैन निवासी पूनम देवी और दिनेश कुमार के घर जन्मी नवजात कन्या का पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ स्वागत किया गया। जिलाधिकारी ने परिवार को बधाई देते हुए कहा कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की सबसे अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हर बेटी को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। बेटियों के सपनों को साकार करना केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब परिवार के आग्रह पर जिलाधिकारी ने नवजात कन्या का नाम ‘अनुग्रहिता’ रखा। जैसे ही बच्ची का नाम घोषित हुआ, परिवार के सदस्यों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। नवजात को जीवन की शुभ शुरुआत का आशीर्वाद देते हुए जिलाधिकारी ने चांदी की कटोरी और चम्मच भेंट की। साथ ही पूनम देवी को सहायता राशि प्रदान कर प्रशासन की संवेदनशील और मानवीय सोच का परिचय दिया।
अस्पताल परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने नवजात को आशीर्वाद देते हुए उसके स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सभी ने एक स्वर में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज तभी सशक्त बनेगा, जब बेटियों को बराबरी का सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन सकती है। ऐसे आयोजन ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों में बेटियों के प्रति सम्मान, अपनापन और गर्व का भाव विकसित करते हैं।
यह आयोजन केवल एक बच्ची के जन्म का उत्सव नहीं था, बल्कि समाज को यह प्रेरणा देने वाला संदेश भी था कि हर बेटी अपने साथ नई उम्मीदें, नए सपने और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं लेकर जन्म लेती है। बेटियों का स्वागत और सम्मान ही एक संवेदनशील, समतामूलक और प्रगतिशील समाज की सबसे बड़ी पहचान है।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. डॉ. बीना सिंह, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्र सहित अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
