जन्मदिन समारोह से शक्ति प्रदर्शन: कर्नलगंज की सियासत में राहुल सिंह का बड़ा संदेश, चुनावी रणभूमि की आहट तेज
प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर, 9415120996
Gonda News
गोंडा। कर्नलगंज विधानसभा की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिलने लगे हैं। शनिवार, 27 जून को परसपुर कस्बे के बैसनपुरवा में आयोजित राहुल सिंह चौहान का जन्मदिन समारोह केवल निजी उत्सव नहीं रहा, बल्कि पूरे दिन चले इस आयोजन ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। सुबह से देर रात तक हजारों समर्थकों की मौजूदगी, केक कटिंग, मिठाई वितरण, बधाइयों का सिलसिला और आशीर्वाद समारोह जैसा माहौल इस बात का संकेत देता रहा कि राहुल सिंह चौहान अब अपनी राजनीतिक जमीन को व्यवस्थित ढंग से तैयार करने में जुट चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी जनस्वीकार्यता, समर्थकों की संख्या और संगठनात्मक क्षमता का सार्वजनिक प्रदर्शन भी था। गांव-गांव से पहुंचे लोगों की भीड़ और समर्थकों के उत्साह ने इसे शक्ति प्रदर्शन का स्वरूप दे दिया।
राहुल सिंह चौहान पिछले कुछ समय से कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर स्थानीय आयोजनों तक उनकी भागीदारी बढ़ी है। यही वजह है कि अब यह चर्चा तेज हो गई है कि वह आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।
कर्नलगंज विधानसभा लंबे समय तक पूर्व विधायक लल्ला भैया के परिवार का मजबूत राजनीतिक गढ़ रही है। वर्तमान में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह इस क्षेत्र की प्रमुख राजनीतिक पहचान माने जाते हैं। ऐसे में किसी नए चेहरे की सक्रियता स्वाभाविक रूप से राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
राजनीतिक जानकार वर्ष 2017 का उदाहरण भी याद दिला रहे हैं, जब भारतीय जनता पार्टी ने नए चेहरे अजय कुमार सिंह को मैदान में उतारा था और उन्होंने जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। ऐसे में राहुल सिंह चौहान की बढ़ती सक्रियता को भी उसी दृष्टि से देखा जा रहा है कि क्या वह कर्नलगंज की राजनीति में एक नया विकल्प बनने की तैयारी कर रहे हैं।
राहुल सिंह चौहान की पहचान केवल राजनीतिक सक्रियता तक सीमित नहीं रही है। क्षेत्र में काले रंग की लग्जरी एसयूवी गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ उनका आवागमन अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है। समर्थकों की संख्या और उनके काफिले को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं होती रहती हैं।
। इसके अलावा महंगी लग्जरी गाड़ियों और महंगे उपहारों को लेकर भी समय-समय पर उनका नाम चर्चाओं में आता रहा है। इन मामलों को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।
राजनीतिक संघर्ष के दौरान राहुल सिंह चौहान ने स्थानीय विधायक अजय सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कह था कि उन पर हुआ हमला विधायक समर्थकों द्वारा कराया गया था। हालांकि इस मामले में दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे किए और मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बना रहा।
जन्मदिन समारोह के दौरान जिस प्रकार समर्थकों की भीड़ उमड़ी, गांव-गांव से लोग पहुंचे और पूरे आयोजन को आशीर्वाद समारोह का स्वरूप दिया गया, उसने यह संकेत जरूर दिया कि राहुल सिंह चौहान अब स्वयं को केवल एक सामाजिक चेहरा नहीं बल्कि एक संभावित राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
कर्नलगंज विधानसभा पहले केसे ही दिलचस्प राजनीतिक मुकाबलों के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में राहुल सिंह चौहान की बढ़ती सक्रियता ने यह चर्चा तेज कर दी है कि आगामी विधानसभा चुनाव पहले की तुलना में अधिक रोचक और बहुकोणीय हो सकते हैं। फिलहाल जन्मदिन के बहाने हुआ यह शक्ति प्रदर्शन क्षेत्र की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और इसे आने वाले चुनावी समीकरणों की शुरुआती दस्तक के रूप में देखा जा रहा है।

