माँगों के समर्थन में कामरेडों ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

अयोध्या उत्तर प्रदेश गोंडा
अमेरिकी हमले में भारतीयों की मौत पर वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा ने किया धरना प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर

Gonda News
गोण्डा, 18 जून। अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय पोतों पर कथित हमले में तीन भारतीय युवकों की मौत के विरोध में गुरुवार को वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा, गोण्डा के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टीन शेड में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया गया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) के जिला सचिव कामरेड कौशलेंद्र पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय पोतों पर किए गए हमले में तीन भारतीय युवकों की जान चली गई, लेकिन भारत सरकार ने इस गंभीर घटना पर अमेरिका के खिलाफ कोई ठोस विरोध दर्ज नहीं कराया। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा सरकार को समर्पण की मुद्रा छोड़कर राष्ट्रीय हितों के अनुरूप स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के उल्लंघन का मुद्दा प्रमुखता से रखना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कूटनीतिक प्रयास करने चाहिए।
सीपीआई के जिला काउंसिल सचिव कामरेड ईश्वर शरण ने कहा कि हमले में मारे गए भारतीय युवकों के परिजनों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों तथा संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता और सम्मानजनक मुआवजा प्रदान किया जाए।
धरने को संबोधित करते हुए सीपीआई(एमएल) के जिला सचिव कामरेड जमाल खान ने कहा कि देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी शक्ति के दबाव में राष्ट्रीय हितों से समझौता स्वीकार्य नहीं है। भारत को अपनी स्वतंत्र और स्वाभिमानी विदेश नीति के अनुरूप निर्णय लेने चाहिए।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह विदेशी शक्तियों के दबाव से मुक्त होकर राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करे।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, हमले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
कार्यक्रम में कामरेड राजीव सिंह, अमित शुक्ला, लाल बहादुर, संतोष मौर्य, सीताराम, सीतासरन तिवारी, रामगोविंद मिश्र, रविशंकर विश्वकर्मा, राधेश्याम शर्मा, मंशाराम, रामराज्य, रमेश चौबे, प्रहलाद सिंह, सदानंद गिरी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने केंद्र सरकार से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
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