एफएलएन प्रशिक्षण में निपुण आकलन और शिक्षण संसाधनों के प्रभावी प्रयोग पर जोर
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। विकासखंड झंझरी में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस पर राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ के गुणवत्ता प्रकोष्ठ के परामर्शदाता मुदित जागीर ने प्रशिक्षण का अनुश्रवण किया। उन्होंने प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं से संवाद करते हुए प्रशिक्षण की प्रगति, निपुण आकलन और विद्यालयों में शैक्षिक संसाधनों के प्रयोग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली।
परामर्शदाता मुदित जागीर ने निपुण आकलन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी बच्चों का आकलन निपुण प्लस एप के माध्यम से किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एप के माध्यम से बच्चों का आकलन कराने से उनमें प्रश्नों का उत्तर देने का साहस बढ़ेगा और उनका मनोबल भी ऊंचा होगा। उन्होंने विद्यालयों में लगाए जाने वाले 19 पोस्टर व फ्लेक्स तथा प्रशिक्षण से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने राज्य परियोजना कार्यालय से प्राप्त विभिन्न शैक्षिक टूल्स एवं संसाधनों का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित किया। कहा कि इन संसाधनों के प्रभावी प्रयोग से शैक्षिक गतिविधियों और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रथम प्रशिक्षण हाल में एआरपी ऋचा सिंह ने प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों की जानकारी दी। उन्होंने जीरो सत्र, कक्षा चार की भाषा एवं गणित की पुस्तकों में हुए बदलाव तथा शिक्षक संदर्शिकाओं में वर्णित शिक्षण विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। एआरपी मुकेश जायसवाल ने भी प्रशिक्षण की विभिन्न बारीकियों को सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया।
वहीं दूसरे प्रशिक्षण हाल में एआरपी नरेंद्र गुप्ता, रेनू तिवारी और नीतू ने अब तक पूर्ण किए गए सत्रों का परिचय प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रतिभागी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आगंतुक परामर्शदाता द्वारा पूछे गए प्रश्नों के समुचित उत्तर दिए और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को साझा किया।
अनुश्रवण के दौरान राज्य संदर्भ समूह के सदस्य विनीता कुशवाहा, कृष्ण बिहारी लाल और कमलेश पांडे भी उपस्थित रहे।