व्यापारी संवाद कार्यक्रम में जीएसटी के नए नियमों की दी गई जानकारी
करदाताओं के सहयोग से बढ़ेगा राजस्व, विकास कार्यों को मिलेगी गति : केके तिवारी
जीएसटी पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को 10 लाख रुपये के बीमा लाभ की भी दी गई जानकारी
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News :
गोंडा। राज्य कर विभाग, गोंडा द्वारा व्यापारियों को जीएसटी व्यवस्था के प्रति जागरूक करने तथा कर प्रणाली से जुड़ी नवीन जानकारियों से अवगत कराने के उद्देश्य से मंगलवार को मसकनवा कस्बे के संगम मैरिज हॉल में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों, कर सलाहकारों एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राज्य कर खंड-2 गोंडा के.के. तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार और राज्य कर विभाग कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि 1 जून से 10 जून तक राज्य कर विभाग विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक व्यापारियों का जीएसटी पंजीकरण कराने, करदाताओं को नई व्यवस्थाओं की जानकारी देने तथा उनकी समस्याओं के समाधान का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि करदाताओं के सहयोग और समय पर कर भुगतान से ही राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी, जिससे सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने सभी व्यापारियों से जीएसटी नियमों का पूर्ण अनुपालन करने तथा समय से रिटर्न दाखिल करने की अपील की।
कार्यक्रम में उपायुक्त राज्य कर खंड-4 हरि सहाय सिंह ने कहा कि विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को कर संबंधी प्रक्रियाओं में अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से संवाद कार्यक्रम आयोजित कर व्यापारियों को सीधे अधिकारियों से जोड़कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने उपस्थित व्यापारियों को जीएसटी पोर्टल के संचालन, ई-इनवॉइसिंग प्रणाली, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) तथा नियम-14 के नए प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही कर प्रणाली में हुए नवीन सुधारों और GST-2.0 के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। व्यवसायी जगन्नाथ गुप्ता, संतोष गुप्ता, डॉ. अशोक शुक्ला, प्रवीण गुप्ता (सर्राफा व्यवसायी), बद्री प्रसाद गुप्ता, राघवेन्द्र सोनी, संजय कौशल, विजय कुमार गुप्ता तथा व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित अनेक व्यापारियों ने विभागीय अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। अधिकारियों ने सभी प्रश्नों का मौके पर समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर उपस्थित टैक्स अधिवक्ता राजेश कौशल ने भी व्यापारियों को जीएसटी नियमों, रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया तथा कर संबंधी विधिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर रिटर्न दाखिल करने और नियमों का पालन करने से व्यापारी अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई से बच सकते हैं।
कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों को कर जागरूकता साहित्य भी वितरित किया तथा उन्हें विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं की जानकारी दी।
जीएसटी पंजीकरण पर 10 लाख रुपये के बीमा संरक्षण का लाभ
व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उपायुक्त राज्य कर के.के. तिवारी ने जानकारी दी कि राज्य कर विभाग में जीएसटी पंजीकरण कराने वाला व्यापारी विभाग का सम्मानित सदस्य बन जाता है। ऐसे पंजीकृत व्यापारियों को विभाग की ओर से 10 लाख रुपये तक के बीमा संरक्षण का लाभ उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिक से अधिक व्यापारियों से जीएसटी पंजीकरण कराने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे न केवल व्यवसाय को वैधानिक पहचान मिलती है, बल्कि विभिन्न सरकारी सुविधाओं और सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी प्राप्त होता है।