आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब फिर से दिखेगी डिजिटल क्रांति, सभी केंद्रों पर होगी सरकारी मोबाइल
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों को दिए स्मार्ट मोबाइल, अब ऑनलाइन होगी हर गतिविधि की निगरानी
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं तेज बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों को एंड्रॉयड मोबाइल से लैस किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ-साथ सुपरवाइजरों को भी सरकारी मोबाइल वितरित किए जा रहे हैं, जिससे विभागीय कामकाज अब पूरी तरह डिजिटल मोड में संचालित हो सकेगा।
मोबाइल वितरण के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय बाद सरकारी मोबाइल मिलने से कार्यकत्रियों के चेहरे खिल उठे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं से जुड़ी योजनाओं की मॉनिटरिंग पहले से कहीं अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।
अब मोबाइल से होगी हर गतिविधि की ऑनलाइन फीडिंग
नए एंड्रॉयड मोबाइल मिलने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की दैनिक गतिविधियां अब सीधे ऑनलाइन अपडेट की जाएंगी। केंद्र खुलने से लेकर बच्चों की उपस्थिति, पोषण वितरण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखरेख, वजन मापन तथा अन्य योजनाओं से जुड़ी जानकारियां मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से तुरंत अपलोड की जा सकेंगी।
इससे विभागीय डाटा फीडिंग पहले की अपेक्षा कहीं अधिक तेज और सटीक हो जाएगी। वहीं शासन और मुख्यालय स्तर पर भी वास्तविक समय में सूचनाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
निरीक्षण व्यवस्था भी होगी हाईटेक
नई व्यवस्था के तहत सुपरवाइजरों और अधिकारियों द्वारा केंद्रों का निरीक्षण भी ऑनलाइन किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान ली गई फोटो, लोकेशन और रिपोर्ट तत्काल विभागीय पोर्टल पर अपलोड होगी। इससे सूचना तंत्र और निगरानी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी।
अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से योजनाओं के संचालन में लापरवाही की गुंजाइश कम होगी तथा लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा।
सभी परियोजनाओं में होगा मोबाइल वितरण
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले की सभी परियोजनाओं में चरणबद्ध तरीके से मोबाइल वितरण किया जा रहा है। इसी क्रम में नवाबगंज परियोजना कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ रमा सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों को मोबाइल वितरित किए।
इस अवसर पर सुपरवाइजर मीना उपाध्याय, मिताली सिंह, दीपाली सिंह, प्रीती सिंह समेत अन्य सुपरवाइजरों को भी मोबाइल प्रदान किए गए। इस दौरान वरिष्ठ लिपिक धीरेन्द्र सिंह, इकबाल अंसारी, अतुल सिंह आदि मौजूद रहे। मोबाइल प्राप्त करने के बाद कार्यकत्रियों ने सरकार की इस पहल को विभागीय कार्यों के लिए बेहद उपयोगी बताया।
विभागीय कामकाज होगा अधिक सुचारू
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि मोबाइल वितरण के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पहले की अपेक्षा अधिक सुचारू और पारदर्शी होगी। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग मुख्यालय से लेकर शासन स्तर तक त्वरित गति से हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों का डाटा तथा केंद्रों की गतिविधियों की वास्तविक स्थिति तुरंत देखी जा सकेगी, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
आंगनबाड़ी व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
सरकार की इस पहल को महिला एवं बाल विकास विभाग में डिजिटल बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मोबाइल आधारित कार्यप्रणाली लागू होने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही भी मजबूत होगी। आने वाले समय में इसका सीधा लाभ बच्चों और महिलाओं को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

