लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ गई राजन जी महाराज की रामकथा, भक्ति और भावनाओं में डूबा पूरा क्षेत्र
राजन जी महाराज और ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ल की सर्वमान्य छवि के कारण जाति धर्म से ऊपर उठ लोगों ने लिया कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा
श्रीराम कथा से मानो एक सूत्र में बंध गया हो पूरा कटरा बाजार विधान सभा क्षेत्र
मंगलवार को विशाल भंडारे का हुआ आयोजन, उमड़े क्षेत्र के हज़ारों की संख्या में लोग, प्रसाद ग्रहण किया
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र के कौड़िया बाजार के समीप स्थित पैड़ीबरा गांव में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से भावविभोर किया, बल्कि लोगों के दिलों पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी जिसे लंबे समय तक भुला पाना आसान नहीं होगा। प्रख्यात कथावाचक राजन जी महाराज की ओजस्वी वाणी, मधुर भजनों और भावपूर्ण कथा प्रसंगों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया। कथा की गूंज अब केवल पैड़ीबरा या कौड़िया बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि गोंडा जिले के साथ-साथ आसपास के जनपदों तक इसकी प्रतिध्वनि सुनाई पड़ रही है।
तीन मई से प्रारंभ हुई यह नौ दिवसीय रामकथा सोमवार को अपने अंतिम सोपान पर पहुंची। कथा के समापन के साथ ही श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं। दूर-दराज से पहुंचे श्रोता कथा स्थल से लौटते समय भी राजन जी महाराज द्वारा गाए गए भजनों और चौपाइयों को गुनगुनाते नजर आए। क्षेत्र के गांवों और बाजारों में लोगों के मोबाइल फोन में कथा की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग लगातार सुनाई दे रही है। कहीं धीमी तो कहीं तेज आवाज में “श्रीराम जय राम जय जय राम” का जयघोष वातावरण को भक्तिमय बना रहा है।
रामकथा आयोजन को लेकर क्षेत्र में कई वर्षों से उत्सुकता बनी हुई थी। ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ल के नेतृत्व में वर्ष 2022 में इस भव्य आयोजन का निर्णय लिया गया था। उसी समय राजन जी महाराज से कथा की तिथि, माह और वर्ष तय कर बुक कराया गया था। लगभग चार वर्षों की प्रतीक्षा के बाद जब यह शुभ अवसर आया तो पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई पड़ा। आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
कथा में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपने सहयोगियों के साथ कथा में पहुंचे। इसके अलावा कई सांसद, विधायक और भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कथा में सहभागिता की। वहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे तथा वरिष्ठ नेता सूरज सिंह की उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक समरसता का प्रतीक बना दिया।
रामकथा की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गांवों से लेकर कस्बों तक हर वर्ग के लोग कथा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भारी भीड़ प्रतिदिन कथा स्थल पर उमड़ती रही। श्रद्धालुओं का मानना था कि राजन जी महाराज की सरल, सहज और सर्वमान्य छवि तथा ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ल की सामाजिक स्वीकार्यता ने इस आयोजन को जन-जन का उत्सव बना दिया।
कथा के दौरान भक्ति संगीत और भजनों का ऐसा वातावरण बना कि श्रद्धालु देर रात तक कथा पंडाल में डटे रहे। राजन जी महाराज ने अपने प्रवचनों में मर्यादा, सेवा, संस्कार, भक्ति और मानवता का संदेश देते हुए कहा कि रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में सदाचार, संयम और परस्पर प्रेम को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों ने दिन-रात मेहनत की। श्री भगवान शुक्ल, शंकर भगवान शुक्ल, शिव भगवान शुक्ल, विवेक शुक्ल, सोनू तिवारी और ऋषि शुक्ल सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कथा स्थल पर सुरक्षा, यातायात, भोजन, पेयजल और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित दिखाई दीं।
रामकथा के समापन अवसर पर हनुमान जी के बड़े मंगल की पावन बेला में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों की संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। “श्रीराम जय राम जय जय राम” के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों के बावजूद सेवा कार्य निरंतर चलता रहा और देर शाम तक भंडारा जारी रहा।
पूरे आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता की नई मिसाल पेश की। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह रामकथा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ने वाला एक भावनात्मक और आध्यात्मिक उत्सव बन गई, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के मन में जीवंत रहेंगी।