राजन जी महाराज के प्रवचनों और भजनों से भावविभोर हुए श्रद्धालु
नवां दिन बना आस्था, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम, विदाई बेला में नम हुईं आंखें
ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ल की कथा में आए श्रद्धालुओं ने की सराहना, कहा कि भगवान के भजन सत्संग का दिया दिव्य अवसर
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता
Gonda News
गोंडा। विधानसभा कटरा बाजार क्षेत्र के कौड़िया बाजार स्थित पैड़ीबरा में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा के नवें और अंतिम दिन सुबह दस बजे से ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। महिला, पुरुष, बेटियां, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में कथा पंडाल में पहुंचे और देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे।
प्रख्यात कथावाचक राजन जी महाराज के ओजस्वी प्रवचनों एवं मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष और भक्ति संगीत से गूंजता रहा। श्रद्धालु श्रीराम नाम के रस में डूबे नजर आए।
राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, सेवा, त्याग और धर्म पालन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य को भक्ति, सत्संग और भगवान के प्रति आस्था से जुड़कर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला महान मार्गदर्शक है।
उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानव समाज के लिए आदर्श है। उनके चरित्र से हमें सत्य, कर्तव्य, अनुशासन और परिवार के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में धर्म, संस्कार और भक्ति जीवित रहते हैं, वहां सदैव सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए भजनों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। “राम नाम की महिमा”, “सीता-राम” और “हनुमान भक्ति” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। महिलाओं ने भक्ति गीतों पर मंगलगान किया, वहीं युवा और बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ कथा और भजन संध्या में शामिल रहे।
नवां दिन होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कथा व्यास की आरती के दौरान श्रद्धालुओं का जछनसमूह भावुक हो उठा। रामचरित मानस पाठ के समापन के बाद जैसे ही मानस की आरती शुरू हुई, पूरा पंडाल एक साथ खड़ा हो गया। श्रद्धालुओं ने राजन जी महाराज के सुर से सुर मिलाकर आरती गाई। विदाई की इस बेला में अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। सभी श्रद्धालुओं ने श्रीराम दरबार के समक्ष माथा टेककर सुख-समृद्धि और क्षेत्र में शांति की कामना की।
कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति के सदस्यों ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, शंकर भगवान शुक्ला, विवेक शुक्ला, ऋषि शुक्ला, सोनू तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। वहीं विदाई बेला में पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह एवं पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे सहित कई सम्मानित जनप्रतिनिधियों ने भी कथा स्थल पहुंचकर कथा का श्रवण किया और आरती में सहभागिता की।
आयोजकों ने बताया कि कथा स्थल पर बड़े मंगलवार 12 मई को विशाल एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र भर के श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक लोगों से भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
