मेडिकल कॉलेज के नए प्रिन्सिपल बने प्रोफेसर डॉ. संतोष वर्मा

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डॉ. संतोष कुमार वर्मा बने मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य
प्रभार संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक, जिला अस्पताल का किया निरीक्षण
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। राजकीय मेडिकल कॉलेज गोंडा को नया कार्यवाहक प्राचार्य मिल गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार वर्मा ने सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज गोंडा के कार्यवाहक प्राचार्य का पदभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों और मातहतों के साथ बैठक कर मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक, चिकित्सकीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
राजकीय मेडिकल कॉलेज गोंडा के प्राचार्य पद पर प्रोफेसर डॉ. बीना सिंह कार्यरत थीं। उन्होंने प्रोफेसर डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्राचार्य का कार्यभार संभाला था। अब डॉ. संतोष कुमार वर्मा को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है।
पदभार संभालने के बाद डॉ. वर्मा ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कॉलेज की व्यवस्थाओं, चिकित्सकीय सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बैठक के बाद कार्यवाहक प्राचार्य सीधे मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर चिकित्सा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मरीजों को मिल रही सुविधाओं और अस्पताल की कार्यप्रणाली की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
कार्यवाहक प्राचार्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन कॉलेज और जिला अस्पताल का निरीक्षण किए जाने को लेकर चिकित्सा विभाग में भी इसे नए कार्यवाहक प्राचार्य की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
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