महिला शक्ति की मिसाल हैं प्रशासन की पहली पंक्ति में तैनात महिला अफसर

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महिला अफसरों के हाथों में है प्रशासनिक कमान, महिलाओं और बेटियों के लिए गढ़ रही नई इबारत आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल, डीएम प्रियंका निरंजन, सीडीओ अंकिता जैन की तैनाती से बेटियों को मिल रही प्रेरणा
जिले की जनता की सुनवाई पर प्रशासनिक अफसर दे रही हैं जादा जोर
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News

गोंडा। देवीपाटन मंडल में महिला नेतृत्व की एक मजबूत और प्रभावी तस्वीर उभरकर सामने आ रही है। हाल ही में मंडलायुक्त के रूप में दुर्गा शक्ति नागपाल की तैनाती के बाद प्रशासनिक तंत्र में नई ऊर्जा, समन्वय और जवाबदेही की उम्मीदें तेज हो गई हैं। उनके कार्यकाल की शुरुआत भले ही प्रारंभिक चरण में हो, लेकिन मंडल में पहले से सक्रिय महिला आईएएस अधिकारियों की सशक्त मौजूदगी ने बेहतर शासन की संभावनाओं को नई दिशा दे दी है।
मंडल में जिलाधिकारी के रूप में प्रियंका निरंजन और मुख्य विकास अधिकारी के रूप में अंकिता जैन पहले से ही विकास और प्रशासनिक सुधारों को गति दे रही हैं। अब मंडलायुक्त के रूप में दुर्गा शक्ति नागपाल की अगुवाई मिलने से इन प्रयासों को एक व्यापक दृष्टि और समन्वित रणनीति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और जनहित से जुड़े मामलों में आने वाले समय में और अधिक प्रभावशीलता दिखाई देगी।
मंडल के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी महिला अधिकारियों की सक्रिय भूमिका प्रशासन को जमीनी स्तर तक मजबूत बना रही है। अपर आयुक्त मीनू राणा, अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) रिंकी जायसवाल, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य बीना सिंह, एसडीएम नेहा मिश्रा, बीडीओ गौरीशा श्रीवास्तव, अधिशाषी अधिकारी सुरभि पांडे और रागिनी वर्मा जैसी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा रही हैं। इनकी सक्रियता से प्रशासनिक तंत्र की पकड़ गांवों और कस्बों तक मजबूत हो रही है।
महिला आईएएस अधिकारियों की इस मजबूत टीम से महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में विशेष सुधार की उम्मीद की जा रही है। योजनाओं को मिशन मोड में लागू करने की दिशा में तेजी आने की संभावना है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिल सकेगा।
प्रशासन की अग्रिम पंक्ति में महिला अफसरो की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव का सीधा संकेत है। इससे न केवल बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि वे अब प्रशासनिक सेवाओं सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी हो रही हैं। यह बदलाव सामाजिक सोच में भी एक नई जागरूकता पैदा कर रहा है।

 महिला नेतृत्व से बढ़ा हौसला, छात्राओं और महिलाओं को मिल रही नई दिशा
 जिले में शीर्ष प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियों की मजबूत और सक्रिय उपस्थिति अब सिर्फ व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर समाज के व्यापक हिस्से पर दिखने लगा है। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल समेत विभिन्न पदों पर तैनात महिला अधिकारियों की कार्यशैली ने छात्राओं और महिलाओं के भीतर नया आत्मविश्वास और संकल्प जगाया है।
इन अधिकारियों की दृढ़ नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील फैसलों से यह संदेश स्पष्ट हो रहा है कि महिलाएं किसी भी जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम हैं। स्कूल-कॉलेज की छात्राएं इन्हें रोल मॉडल के रूप में देख रही हैं, वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं भी अब आगे बढ़ने के लिए अधिक प्रेरित हो रही हैं।
महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों को जिस गंभीरता से लागू किया जा रहा है, उससे महिलाओं में भरोसा बढ़ा है। बदलते माहौल में अब बेटियां खुद को ज्यादा सुरक्षित और सक्षम महसूस कर रही हैं।
कुल मिलाकर, गोंडा में उभरता यह महिला नेतृत्व न सिर्फ प्रशासन को नई दिशा दे रहा है, बल्कि समाज में महिलाओं और छात्राओं के लिए ताकत और प्रेरणा का मजबूत आधार भी तैयार कर रहा है।
जनप्रतिनिधित्व में भी मजबूत भागीदारी

स्थानीय निकायों में भी महिला नेतृत्व अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। नगर पालिका, नगर पंचायत और क्षेत्र पंचायत स्तर पर उजमा राशिद जैसी जनप्रतिनिधियों ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।

 

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