मेडिकल कॉलेज ने गोष्ठी कर लिया कुपोषण के खात्मे का संकल्प

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एनीमिया-कुपोषण से निपटने को एकजुट हुआ मेडिकल कॉलेज
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी, प्रधानाचार्य ने चिकित्सकों से संवेदनशीलता के साथ जनसेवा पर दिया जोर
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। जनस्वास्थ्य को मजबूत करने और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गोंडा ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार को महाविद्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें एनीमिया, कुपोषण समेत जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर विषयों पर चिकित्सकों और प्रशिक्षु डॉक्टरों ने मंथन किया।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संतोष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में संकाय सदस्यों, जूनियर रेजिडेंट्स और इंटर्न्स ने सक्रिय सहभागिता की। वक्ताओं ने एनीमिया और कुपोषण को जनस्वास्थ्य की गंभीर चुनौती बताते हुए इनके कारणों, लक्षणों, समय रहते पहचान और प्रभावी रोकथाम के उपायों पर विस्तार से विचार रखे। साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करने तथा बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में ही चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
गोष्ठी में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि केवल उपचार तक सीमित रहने के बजाय स्वास्थ्य सेवाओं को जागरूकता, बचाव और समयबद्ध उपचार से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। चिकित्सकों ने सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने को आवश्यक बताया।
प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि चिकित्सकीय सेवा का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने चिकित्सकों और प्रशिक्षु डॉक्टरों से मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा जनस्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सार्थकता तभी है, जब इसका संदेश अस्पताल की दीवारों से निकलकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। इसके लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में अभियान के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने और जनस्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। गोष्ठी ने चिकित्सा शिक्षा, उपचार और जनजागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए मेडिकल कॉलेज की सामाजिक जिम्मेदारी की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

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