संतुलित आहार ही स्वस्थ शरीर और सशक्त समाज का आधार : डॉ. रमा मौर्या
सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज में पोषण पखवाड़े के तहत हुआ अतिथि व्याख्यान
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा। सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज, गोण्डा में शनिवार को पोषण पखवाड़े के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग की ओर से ‘पोषण एवं संतुलित आहार’ विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की सहायक प्रोफेसर डॉ. रमा मौर्या रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को संतुलित आहार, पोषण तत्वों की उपयोगिता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष रंजना बंधु, सुनीता मिश्रा एवं सुषमा सिंह ने मुख्य अतिथि डॉ. रमा मौर्या का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। व्याख्यान में छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. रमा मौर्या ने संतुलित आहार के अर्थ, आवश्यकता और दैनिक जीवन में इसके महत्व को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार का मतलब महंगे खाद्य पदार्थों का सेवन करना नहीं है। हमारे घर की रसोई और आसपास के खेतों में ही ऐसे अनेक खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं, जिनमें शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, चना, गुड़, तिल, दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा एवं सही अनुपात में भोजन में शामिल कर कम खर्च में भी पौष्टिक और संतुलित आहार लिया जा सकता है।
डॉ. रमा मौर्या ने छात्राओं को आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और विभिन्न खनिज तत्वों की शरीर में भूमिका के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयरन की कमी से एनीमिया, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, गुड़, तिल, दूध, दही और मौसमी फलों को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ एवं सुपोषित महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला होती है। परिवार की महिलाएं यदि अपने पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहेंगी तो वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ पूरे परिवार के स्वास्थ्य का भी बेहतर ध्यान रख सकेंगी।
मुख्य वक्ता ने छात्राओं को नियमित समय पर भोजन करने की सलाह देते हुए जंक फूड, अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों तथा पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से बचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भोजन में विविधता बनाए रखने और शरीर की आवश्यकता के अनुरूप पोषक तत्वों को शामिल करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आरती श्रीवास्तव ने डॉ. रमा मौर्या को उनके ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी व्याख्यान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद मुख्य अतिथि को सुंदर पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज एडमिन डॉ. आनंदिता रजत सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और संतुलित आहार, पोषण तथा स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
