तीन दिवसीय अंतर विद्यालय शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, एआई आधारित शिक्षा और नवाचार पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

प्रदीप मिश्रा, चीफ रिपोर्टर
Gonda News
गोंडा। महर्षि विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय अंतर विद्यालय शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन की शुरुआत विद्यालय की परंपरा के अनुरूप गुरु पूजन एवं सरस्वती वंदना से की गई। इसके बाद शिक्षकों ने सामूहिक प्राणायाम, भावातीत ध्यान तथा योगिक फ्लाइंग का अभ्यास कर मानसिक एवं शारीरिक ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक विनोद कुमार श्रीवास्तव ने सामूहिक प्राणायाम एवं ध्यान सत्र का संचालन कराया। वहीं वरिष्ठ शिक्षक सुरेश नारायण द्विवेदी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्य और उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण सत्र के मुख्य वक्ता डॉ. सौरभ चौहान ने शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बदलती भूमिका, उसके लाभ, भविष्य की संभावनाओं तथा शिक्षा के क्षेत्र में उसके प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में एआई नई रोजगार संभावनाओं के साथ-साथ कई चुनौतियां भी लेकर आया है, इसलिए शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना सीखना होगा।
डॉ. चौहान ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, आनंददायक और छात्र-केंद्रित बनाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रभावी उपाय भी साझा किए।
प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए तथा समूहवार प्रस्तुतीकरण देकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इसके बाद आयोजित समापन समारोह में विभिन्न समूहों ने सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
समापन अवसर पर एक बार फिर सामूहिक प्राणायाम, भावातीत ध्यान एवं योगिक फ्लाइंग का अभ्यास कराया गया। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार मिश्र ने मुख्य प्रशिक्षक डॉ. सौरभ चौहान, सभी प्रशिक्षकों तथा प्रतिभागी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान, कौशल और शिक्षण गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उत्साह, सहयोग और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।