मेडिकल कॉलेज के ईश्वर शरण चिकित्सालय में शुरू हुई प्रसूति सेवाएं, अब अस्पताल परिसर में भी गूंजेंगी नवजातों की किलकारियां
51 बेड के जच्चा-बच्चा वार्ड का उद्घाटन, चौबीसों घंटे मिलेगी प्रसव और स्त्री रोग संबंधी चिकित्सा सुविधा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। वर्षों तक जिला अस्पताल के रूप में जनपदवासियों की सेवा करने वाले बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में अब एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल परिसर स्थित कोविड भवन में अत्याधुनिक स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की स्थापना कर दी है। इसके साथ ही अब यहां महिलाओं का सामान्य उपचार ही नहीं, बल्कि प्रसव, जटिल प्रसूति सेवाएं तथा स्त्री रोगों के बड़े और छोटे ऑपरेशन भी किए जा सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि अब इस अस्पताल के आंगन में भी नवजात शिशुओं की किलकारियां सुनाई देंगी।
मंगलवार को सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, सांसद प्रतिनिधि रमाशंकर मिश्र, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तथा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. बीना सिंह ने फीता काटकर नवस्थापित विभाग का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इसे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनने तक का सफर
बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय लंबे समय तक जनपद का प्रमुख जिला अस्पताल रहा है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद इस अस्पताल का अधिग्रहण मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कर लिया था और इसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रूप में विकसित किया जाने लगा। चूंकि यह पुरुष जिला अस्पताल के रूप में संचालित होता था, इसलिए यहां महिलाओं के प्रसव नहीं कराए जाते थे। महिला मरीजों को सामान्य बीमारियों में भर्ती तो किया जाता था, लेकिन प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी जटिल मामलों के लिए उन्हें अन्य संस्थानों का रुख करना पड़ता था।
अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की स्थापना किए जाने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी। जिले की हजारों महिलाओं को प्रसव और स्त्री रोग संबंधी उपचार के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
51 बेड का आधुनिक जच्चा-बच्चा वार्ड तैयार
नवनिर्मित विभाग में 51 बेड का जच्चा-बच्चा वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी वार्ड तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि यहां सामान्य प्रसव के साथ-साथ जटिल प्रसव और सर्जरी संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
अस्पताल में भर्ती होने वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, प्रसव और प्रसव के बाद की देखभाल एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी
विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों की टीम संभालेगी जिम्मेदारी
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। विभाग की अध्यक्ष (एचओडी) डॉ. माही कीर्ति सिंह सिसौदिया को बनाया गया है। उनके साथ डॉ. सुवर्णा और डॉ. ज्योति सहित कुल चार महिला चिकित्सक सेवाएं देंगी।
इसके अलावा लगभग 36 नर्सिंग स्टाफ तथा 10 अटेंडेंट भी नियुक्त किए गए हैं, ताकि मरीजों को चौबीसों घंटे निर्बाध चिकित्सा सुविधा मिल सके। अस्पताल सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना प्राथमिकता : प्रोफेसर डॉ. बीना सिंह
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. बीना सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन मरीजों को त्वरित, कारगर और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगातार नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक यहां महिला रोगियों का सीमित उपचार किया जाता था, लेकिन नए विभाग के शुरू होने से महिलाओं को व्यापक चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। यहां प्रसव के साथ-साथ स्त्री रोगों के मेजर और माइनर ऑपरेशन भी किए जाएंगे। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग से इमरजेंसी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था की गई है।
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूति सेवाएं शुरू होने से जिला महिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों को भी स्त्री एवं प्रसूति रोगों के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह नई सुविधा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ जिले की चिकित्सा व्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उद्घाटन समारोह में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.डब्ल्यू. खान, हॉस्पिटल मैनेजर दीक्षा द्विवेदी, अनिल वर्मा, ए.के. वर्मा, श्रुति सिंह सहित मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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