725 आँगनबाड़ी केंद्रों पर सहायिका भर्ती: सत्यापन प्रक्रिया तेज, 8 बाल विकास परियोजनाओं का कार्य पूरा
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि सीडीओ महोदया के दिशा निर्देश के तहत चल रही प्रक्रिया
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोंडा। जिले की 17 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत 725 आँगनबाड़ी केंद्रों पर सहायिका पदों की भर्ती प्रक्रिया अब सत्यापन चरण में पहुंच गई है। गुरुवार को मनकापुर, वजीरगंज और नवाबगंज ब्लॉक परियोजनाओं में आवेदन करने वाली अभ्यर्थियों के शैक्षिक, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों सहित अन्य अभिलेखों का गहन सत्यापन किया गया।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान संबंधित परियोजनाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहीं। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) दुर्गेश गुप्ता, रमा सिंह सुपरवाइजर निशी द्विवेदी, मिताली सिंह और दीपाली सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अभिलेखों का मिलान कर पात्रता की जांच की गई। अधिकारियों ने क्रमवार अभ्यर्थियों को बुलाकर उनके दस्तावेजों का परीक्षण किया और आवश्यक अभिलेखों की पुष्टि की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रत्येक रिक्त पद के सापेक्ष पांच गुना अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है, ताकि पात्रता की पूरी जांच के बाद मेरिट सूची तैयार की जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक आठ बाल विकास परियोजनाओं में सत्यापन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शहर परियोजना सहित कुल नौ परियोजनाओं का सत्यापन कार्य अभी शेष है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की तैयारी है।
मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के अनुरूप पारदर्शी ढंग से कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित इन आँगनबाड़ी केंद्रों पर सहायिकाएं पोषण कार्यक्रमों के संचालन, प्री-स्कूल गतिविधियों, टीकाकरण सहयोग तथा गर्भवती व धात्री महिलाओं को दी जाने वाली सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग उठ रही थी। अब भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि आँगनबाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता में भी सुधार की उम्मीद है।


