सोलर सेल में शोध पर संतोष श्रीवास्तव को मिली पीएचडी

गोंडा उत्तर प्रदेश
भौतिकी के असिस्टेंट प्रोफेसर संतोष श्रीवास्तव को पीएचडी की उपाधि, सोलर सेल पर शोध से ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News

गोंडा। स्थानीय श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के भौतिकी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर संतोष कुमार श्रीवास्तव को “इंपैक्ट ऑफ पी-टाइप सिलिकॉन ऑन परफॉर्मेंस एंड स्टेबिलिटी ऑफ थर्ड जनरेशन सोलर सेल” विषय पर उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान किए जाने की संस्तुति की गई है। यह उपलब्धि उन्होंने अपने शोध निर्देशक प्रो. जितेंद्र सिंह, विभागाध्यक्ष भौतिकी, के निर्देशन में हासिल की।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के सभा कक्ष में आयोजित ओपन वाइवा परीक्षा में उनके शोध कार्य का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय, गोरखपुर के प्रो. डी. के. द्विवेदी बतौर परीक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के डीन प्रो. एस. एस. मिश्रा, पूर्व मुख्य नियंता डॉ. ओंकार पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देव नारायण पांडेय, डॉ. अवनीश कुमार मिश्र, शोभित मौर्य, आशीष चौधरी, रामबचन, रोहित यादव तथा उपाधि विभाग के अवनी कुमार दीक्षित सहित अनेक शिक्षाविद मौजूद रहे।
शोध निर्देशक प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस शोध में सोलर सेल निर्माण में पी-टाइप सिलिकॉन परत की मोटाई (थिकनेस) एवं करियर डेंसिटी के प्रभाव का गहन अध्ययन किया गया। शोध निष्कर्षों से स्पष्ट हुआ कि इन दोनों कारकों का सोलर सेल की दक्षता एवं स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
शोधकर्ता संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनका शोध भविष्य की ऊर्जा मानी जाने वाली सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इससे सोलर सेल की कार्यक्षमता और स्थायित्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे भारत जैसे विकासशील देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिल सकेगी।
उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार, शोध निर्देशक प्रो. जितेंद्र सिंह सहित महाविद्यालय के सहकर्मियों को दिया। साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकित मौर्य और डॉ. शैलजा सिंह के तकनीकी सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। पारिवारिक सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने अपनी माता श्रीमती विद्यावती श्रीवास्तव, पत्नी रीना श्रीवास्तव तथा पुत्र अंशित व आयुष के प्रोत्साहन को अपनी सफलता का आधार बताया।
संतोष श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर महाविद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह, सचिव उमेश शाह, सदस्य संजू छाबड़ा, प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार सहित पूरे महाविद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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