मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजसेवी रामजी लाल मोदनवाल को पत्र भेजकर जनसेवा की सराहना की
जनहित के कार्यों को बताया सरकार और समाज के बीच महत्वपूर्ण सेतु, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आह्वान
जनसेवा और सामाजिक योगदान को बताया समाज व सरकार के बीच मजबूत कड़ी, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की जताई उम्मीद
प्रदीप मिश्रा, प्रमुख संवाददाता

Gonda News
गोण्डा । समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र भेजकर उत्साहवर्धन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्रों के माध्यम से जनसेवा, सामाजिक सरोकारों और जनहित के कार्यों में जुटे लोगों के योगदान की सराहना करते हुए उनसे इसी सेवा भाव के साथ आगे भी कार्य करते रहने की अपेक्षा जताई है। मुख्यमंत्री की इस पहल को सामाजिक कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने और जनसेवा के कार्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए पत्रों में समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की योजनाओं और नीतियों को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सामाजिक कार्यकर्ता आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं, जरूरतों और अपेक्षाओं को समझते हैं। वे जरूरतमंदों की आवाज को संबंधित अधिकारियों और शासन तक पहुंचाने के साथ ही लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने जनहित में कार्य करने वाले लोगों के प्रयासों को समाज और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में रेखांकित किया है। उनके अनुसार, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना तभी संभव है, जब योजनाओं के क्रियान्वयन में जनभागीदारी सुनिश्चित हो। इस कार्य में सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने में मददगार साबित हो सकता है।
पत्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री ने गरीबों, वंचितों, वृद्धों, दिव्यांगों, महिलाओं, युवाओं और किसानों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए इनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया है। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों से अपेक्षा जताई है कि वे जनसमस्याओं को सामने लाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और लोगों को उनके अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाने का कार्य निरंतर जारी रखें।
मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ समाज में सकारात्मक कार्यों की संस्कृति को मजबूत करना भी है। जब किसी सामाजिक कार्यकर्ता के प्रयासों को शासन के शीर्ष स्तर पर सराहना मिलती है, तो इससे न केवल संबंधित व्यक्ति का उत्साह बढ़ता है, बल्कि अन्य लोगों को भी समाजहित में आगे आने की प्रेरणा मिलती है।
इसी क्रम में कर्नलगंज क्षेत्र के समाजसेवी एवं चेयरमैन प्रतिनिधि रामजी लाल मोदनवाल को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से पत्र भेजकर उनके सामाजिक योगदान और जनहित के प्रति समर्पण की सराहना की गई है। दो अक्टूबर 2026 को लोक भवन, लखनऊ से भेजे गए पत्र में मुख्यमंत्री ने उनके सेवा भाव और सामाजिक संवेदनशीलता को महत्वपूर्ण बताते हुए जनकल्याण के कार्यों में इसी तरह सक्रिय बने रहने की अपेक्षा जताई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में इस विश्वास को भी व्यक्त किया है कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग अपने अनुभव और जनसंपर्क के माध्यम से सरकार तक आम नागरिकों की समस्याएं और सुझाव पहुंचाते रहेंगे। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समझने और उनके समाधान की दिशा में कदम उठाने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री की ओर से जनसेवा में जुटे लोगों को पत्र भेजकर सम्मानित करने और उनके प्रयासों की सराहना करने की पहल सामाजिक भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित करती है। इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि समाज के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने वाले नागरिक विकास की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने तथा प्रदेश के विकास को अधिक समावेशी बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
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